कांग्रेस कार्य समिति की बैठक कल, पांच राज्‍यों में मिली हार और मौजूदा सियासी हालात पर होगा मंथन

 

कांग्रेस ने रविवार को कार्य समिति की बैठक बुलाई है। (File Photo)

रविवार को कांग्रेस कार्य समिति (Congress Working Committee CWC) की बैठक होगी जिसमें पांच राज्‍यों में मिली हार और मौजूदा सियासी हालात को लेकर मंथन होगा। यह बैठक दिल्‍ली स्थिति एआइसीसी कार्यालय में शाम चार बजे से होगी।

नई दिल्‍ली, एएनआइ/जेएनएन। पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्‍त के बाद कांग्रेस मंथन करने जा रही है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने रविवार को कार्य समिति (Congress Working Committee, CWC) की बैठक बुलाई है। यह बैठक दिल्‍ली स्थिति एआइसीसी कार्यालय (All India Congress Committee, AICC) में शाम चार बजे से होगी। इसमें पांच राज्‍यों में मिली हार और मौजूदा सियासी हालात को लेकर मंथन होगा। पांच राज्यों में मिली असफलता के बाद कांग्रेस के भीतर संगठन में व्यापक बदलाव और सुधार के लिए नेतृत्व पर दबाव बढ़ने लगा है। समूह-23 यानी असंतुष्ट नेता पार्टी की मौजूदा हालत को बेहद चिंताजनक मान रहे हैं। जी-23 समूह के नेताओं की गुलाम नबी आजाद के आवास पर शुक्रवार को बैठक हुई जिसमें लंबी मंत्रणा हुई। सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान कुछ नेताओं का मानना था कि कांग्रेस कार्यसमिति में नहीं जाना चाहिए क्‍योंकि इसमें गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं होती है।

शुक्रवार देर शाम को गुलाम नबी आजाद के घर हुई बैठक में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और मनीष तिवारी शामिल थे। सूत्रों की मानें तो कुछ वरिष्ठ असंतुष्ट नेता एक बार फिर नेतृत्व पर मुखर आवाज उठाने की तैयारी में जुट गए हैं। शशि थरूर का कहना है कि यदि कांग्रेस को प्रासंगिक बने रहना है तो उसके संगठनात्मक नेतृत्व में बदलाव को अब टाला नहीं जाना चाहिए। जाहिर है कि कांग्रेस की मौजूदा स्थिति से खिन्‍न असंतुष्ट खेमे के नेता अब शायद ही चुप बैठें।

सनद रहे कि अगस्त 2020 में असंतुष्‍ट गुट के नेताओं की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए पत्र में कई मांगें रखी गई थी। इनमें शीर्ष नेतृत्‍व से लेकर ब्लाक स्तर तक संगठन चुनाव कराए जाने की मांग की गई थी। यही नहीं तत्काल संसदीय बोर्ड और स्वतंत्र केंद्रीय चुनाव समिति बनाने की अपील भी गई थी। साथ ही पार्टी के संचालन और उसकी रीति-नीति एवं अन्‍य महत्‍वपूर्ण फैसले लेने के लिए एक व्‍यवस्‍थि‍त मेकेनिज्म बनाने की बात भी कही गई थ

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