हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू, एमएसपी से ज्यादा मिले भाव, जानिए क्‍या है दाम

 

मंडियों में सरसों की आवक तेज हो गई है।

हरियाणा की मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई है। नई अनाज मंडी में अटैला गांव का किसान रमेश लेकर पहुंचा सरसों। 5100 रुपये प्रति क्विंटल मिले भाव सरकारी भाव 5050 रुपये प्रति क्विंटल। पिछले साल अच्छे भाव मिलने के कारण सरसों का इस बार बढ़ा है रकबा।

कैथल, संवाददाता। मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई है। गांव अटैला का किसान रमेश कुमार सरसों लेकर पहुंचा। एमएसपी से ज्यादा भाव मिलने से किसान के चेहरे पर रौनक है। सरकार की तरफ से इस बार सरसों के भाव 5050 रुपये प्रति क्विंटल तय किए गए हैं, जबकि पिछले साल 4600 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन प्राइवेट खरीदार एमएसपी से भी ज्यादा भाव पर सरसों की फसल खरीद रहे हैं। इससे किसानों को फायदा हो रहा है, हालांकि इस बार बरसात ज्यादा होने के कारण सरसों की फसल को नुकसान भी काफी हुआ है, इस कारण उत्पादन पर इसका असर पड़ रहा है। 20 मार्च के बाद आवक में तेजी आएगी, क्योंकि एक अप्रैल से गेहूं का सीजन भी शुरू हो रहा है, इसलिए गेहूं सीजन से पहले ही सरसों की कटाई किसान करते हैं और मंडियों में आवक भी बढ़ जाती है।

इस बार बनाया गया तीसरा खरीद केंद्र

पिछले कई सालों से सरसों का जिले में दो ही सेंटर थे, लेकिन इस बार क्षेत्र बढ़ने के कारण नया सेंटर गांव टीक अनाज मंडी को बनाया गया है, हालांकि किसानों में इस बात का रोष है कि गांव की मंडी को सेंटर बनाने की बजाए जिला मुख्यालय की मंडियों को ही सेंटर बनाया जाए, ताकि किसानों को फसल बेचने में दिक्कत न आए। कलायत व राजौंद अनाज मंडी के साथ-साथ गांव टीक को खरीद केंद्र बनाया गया है। गांव अटैला निवासी किसान रमेश कुमार ने बताया कि पहली बार सरसों की खेती की है, तीन एकड़ में सरसों की फसल लगाई है। एमएसपी से ज्यादा भाव मिला है, हालांकि बरसात ज्यादा होने के कारण फसल के उत्पादन पर असर पड़ा है।

12 एकड़ में इस बार लगाई हुई है सरसों की फसल

किसानों ने इस बार 12 एकड़ में सरसों की फसल लगाई हुई है, पिछले साल छह एकड़ में सरसों की फसल लगाई थी। पिछले साल छह हजार रुपये प्रति क्विंटल से भी ज्यादा भाव किसानों को मिले, इसे देखते हुए किसानों ने सरसों को ज्यादा मात्रा में लगाया। गांव रोहेड़ियां निवासी किसान विनोद जागलान, सत नारायण ने बताया कि तीन से चार एकड़ में सरसों की फसल लगाई है। पिछले साल की तरह इस बार भी अच्छे भाव मिलने की उम्मीद है। पिछले साल एक लाख 65 हजार हेक्टेयर में गेहूं का रकबा था, जो इस बार एक लाख 63 हजार हेक्टेयर में है।

एसडीएम मनीष लोहान ने बताया कि सरसों की खरीद को लेकर तीन सेंटर बनाए गए हैं। मंडियों में सभी तरह की तैयारियां की गई हैं।