परीक्षार्थी को थप्पड़ मारने का मामला सुलझा एसडीएम जवाली के हस्तक्षेप के बाद

 

पलौहड़ा में 12वीं कक्षा के परीक्षार्थी को थप्पड़ मारने व पेपर से वंचित करने के मामले को सुलझा लिया गया।

जवाली उपमंडल के अधीन आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पलौहड़ा में 12वीं कक्षा के परीक्षार्थी को थप्पड़ मारने व पेपर से वंचित करने के मामले को सुलझा लिया गया। परीक्षार्थी की माता रेखा देवी द्वारा इसकी शिकायत एसडीएम ज्वाली के समक्ष की गई थी।

जवाली। ज्वाली उपमंडल के अधीन आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पलौहड़ा में 12वीं कक्षा के परीक्षार्थी को थप्पड़ मारने व पेपर से वंचित करने के मामले को सुलझा लिया गया। परीक्षार्थी की माता रेखा देवी द्वारा इसकी शिकायत एसडीएम ज्वाली के समक्ष की गई थी जिस पर बुधवार को एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने परीक्षार्थी, उसके परिजनों, स्कूल स्टाफ, एसएमसी कमेटी व पंचायत प्रधान पलौहड़ा रघुवीर भाटिया के समक्ष सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा जिसमें थप्पड़ मारने की घटना कहीं भी नहीं पाई गई। शिकायतकर्ता रेखा देवी, परीक्षार्थी परविंदर कुमार, पलौहड़ा पंचायत प्रधान रघुवीर भाटिया सहित परिजन व स्टाफ ने कार्रवाई पर संतुष्टि जताई।आखिरकार बाद में शिकायतकर्ता व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट में आपसी समझौता हो गया। परीक्षार्थी के परिजनों ने समझौता में मांग की की उनके बेटे के अगले होने वाले पेपरों में स्टाफ को बदला जाए ताकि बच्चा एग्जाम देते समय सहम न पाए जिस पर स्कूल प्रिंसिपल ने आश्वासन दिया कि उक्त परीक्षार्थी के कमरे में स्टाफ को बदल दिया जाएगा। आखिरकार यह विवाद खत्म हो गया जिससे दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली। एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मेरे पास शिकायत आई थी जिस पर बुधवार को दोनों पक्षों के सामने सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला गया लेकिन थप्पड़ मारने की घटना कहीं भी नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा अपने अगले पेपर स्कूल आकर दे सकता है।

स्कूल प्रिंसिपल महेंद्र पठानिया ने कहा कि मेरे पास परीक्षार्थी आया था और कहा था कि मुझे परीक्षा हाल में नहीं जाने दिया जा रहा है। जिस पर मैं स्वयं परीक्षार्थी को लेकर परीक्षा हॉल में जाने लगा तो परीक्षार्थी हाल में जाने की बजाए बाहर को चला गया। उन्होंने कहा कि अब समझौता हो गया है तथा परीक्षार्थी अपने अगले दोनों पेपर बिना डर के स्कूल में आकर दे सकता है।