दिल्ली सरकार ने निगमों को लेकर किया है भेदभाव: आदेश गुप्ता

 

भाजपा ने दिल्ली विधानसभा के नजदीक प्रदर्शन किया।

नई आबकारी नीति से लोगों में रोष है। नियमों का उल्लंघन कर शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। अवैध तरीके से खोली गई कई दुकानें नगर निगमों ने सील की हैं। किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन कर दुकानें नहीं खोलने दी जाएगी।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नौकरी से निकालने का आदेश वापस लेने, उनका मानदेय बढ़ाने, अतिथि शिक्षकों और सभी अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने व नई आबकारी नीति वापस लेने की मांग करते हुए भाजपा ने दिल्ली विधानसभा के नजदीक प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निगमों के साथ दिल्ली सरकार भेदभाव करती रही। अब केंद्र सरकार ने तीनों निगमों के एक करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार डर गई है।

चंदगी राम अखाड़े से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े। उन्होंने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का प्रयोग किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की मांग की और बोले कि इन्हें हक दिलाने के लिए भाजपा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि नई आबकारी नीति से लोगों में रोष है। नियमों का उल्लंघन कर शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। अवैध तरीके से खोली गई कई दुकानें नगर निगमों ने सील की हैं। किसी भी सूरत में नियमों का उल्लंघन कर दुकानें नहीं खोलने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि तीनों नगर निगमों के साथ दिल्ली सरकार भेदभाव करती रही। अब केंद्र सरकार ने तीनों निगमों के एक करने का फैसला किया है, जिससे आप की सरकार डर गई है। केजरीवाल सरकार को लग रहा है कि निगम के मजबूत होने पर वह भेदभाव नहीं कर सकेगी। प्रदर्शन में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक अभय वर्मा, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन तिवारी, महामंत्री हर्ष मल्होत्र और दिनेश प्रताप सिंह सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।