दिल्ली के बजट से हर बार फंड में कटौती करने पर महापौर व निगम कर्मचारी नाराज, पढ़िए पूरा मामला

 

दिल्ली सरकार के बजट में कम आवंटन पर दक्षिणी दिल्ली के महापौर ने जताई नराजगी।

दिल्ली सरकार को वैसे जितना फंड देना चाहिए उतना तो कभी नहीं दिया। 13 हजार करोड़ रुपये अगर दिल्ली सरकार ने निगमों को दिया होता तो इससे न तो कर्मचारियों को वेतन के लिए परेशान होना पड़ता और न ही विकास कार्य प्रभावित होते।

नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली के बजट में निगमों को कम आवंटन को लेकर दक्षिणी दिल्ली के महापौर मुकेश सुर्यान ने नाराजगी जाहिर की है। महापौर ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बदले की भावना से निगमों का बजट हर बार कम किया है। वित्त आयोग की सिफारिशों को दरकिनार करके सरकार हर साल निगम के कर्मचारियों के वेतन और विकास कार्यो के फंड में कटौती कर रही है। जितने फंड के आवंटन की घोषणा की जाती है असलियत में वह भी निगमों को जारी नहीं होता। इससे निगम कर्मचारी काफी नाराज हैं।

महापौर ने बताया कि वर्ष 2021-22 में सरकार ने 6172 करोड़ रुपये दिल्ली के नगर निगमों को आवंटित करने की घोषणा की थी। इस वर्ष 18 करोड़ कम 6154 करोड़ के आवंटन की बात कही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के इसी रवैये की वजह से केंद्र सरकार को निगमों को एक करने का फैसला लेना पड़ा। अब विधेयक लोकसभा में आ गया है। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह कानून का रूप ले लेगा।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष जोगीराम जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने निगमों के साथ जो सौतेला व्यवहार किया हैं उससे निगम के कर्मचारी भलीभांति परिचित हैं। फंड में कटौती करने से दिल्ली के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार को वैसे जितना फंड देना चाहिए उतना तो कभी नहीं दिया। 13 हजार करोड़ रुपये अगर दिल्ली सरकार ने निगमों को दिया होता तो इससे न तो कर्मचारियों को वेतन के लिए परेशान होना पड़ता और न ही विकास कार्य प्रभावित होते।

जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने वर्ष वर्ष 2017-18 में 7571 करोड़, तो वर्ष 2018-19 में 6903, वर्ष 2019-20 में 6380, वर्ष 2020-21 में 6828, वर्ष 2021-22 में 6172 हजार करोड़ देने की बात कही थी। इसे 18 करोड़ कम करते 6154 करोड़ कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी सहूलियत के हिसाब से कर्मचारियों और दिल्ली वासियों को नजरअंदाज कर निगमों को कम फंड आवंटित करती है।