सूरजकुंड मेला जाने की है प्लानिंग? तो जान लें इस साल की थीम, टिकट के दाम और समय के बारे में

 

Surajkund Mela 2022: सूरजकुंड मेला जाने से पहले जान लें टिकट के दाम और समय

Surajkund Mela 2022 मशहूर अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला यानी सूरजकुंड का मेला जो पूरे भारत के हज़ारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने में मदद करता है कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में आयोजित नहीं किया गया था।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Surajkund Mela 2022: दो साल बाद फरीदाबाद में सूरजकुंड का मेला एक बार फिर लगा है। पिछले दो साल से कोरोना वायरस महामारी की वजह से इसका आयोजन नहीं हो पाया था। यह 19 मार्च से शुरू हुआ है और 4 अप्रैल तक हरियाणा के फरीदाबाद इलाके में लगा रहेगा। 

कोरोना वायरस महामारी से पहले यह मेला हर साल सूरजकुंड में फरवीर के महीने में लगा करता था, हालांकि, इस साल कोविड-19 की वजह से इसका शेड्यूल बदला गया। अधिक जानकारी का खुलासा करते हुए, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इस बार मेले के 35 वें संस्करण में जम्मू और कश्मीर 'साझेदार राज्य' होगा।उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मेले में 20 देशों के कलाकार हिस्सा लेंगे, साथ ही इस बार ई-टिकटिंग उपलब्ध होगी। हरियाणा पर्यटन विभाग की वेबसाइट के अनुसार, हर साल हज़ारों आगंतुक सूरजकुंड मेले में भाग लेते हैं, क्योंकि यह भारत के हथकरघा, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक ताने-बाने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है, और यह दुनिया का सबसे बड़ा शिल्प मेला है।

35वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2022 की थीम राज्य 'जम्मू और कश्मीर' है, जो हस्तशिल्प और कला रूपों के माध्यम से अपनी विशिष्ट संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रस्तुत करेगा। जम्मू और कश्मीर से आए कलाकार प्रदर्शन करेंगे, और वहां मौजूद स्टॉल्स से जम्मू-कश्मीर के उत्कृष्ट शिल्प और अन्य चीज़ों को ख़रीद सकते हैं।

मेला दुनिया भर से आगंतुकों को आकर्षित करता है और इस साल मेले में 30 से अधिक देश भाग ले रहे हैं, जिनमें उज़्बेकिस्तान, अफ़गानिस्तान, इथियोपिया, इस्वातिनी, मोज़ाम्बिक, तंज़ानिया, ज़िम्बाब्वे, युगांडा, नामीबिया, सूडान, नाइजीरिया, सेनेगल, अंगोला, घाना, थाईलैंड, नेपाल, श्रीलंका, ईरान और मालदीव शामिल हैं।

सूरजकुंड मेले का समय: दिन के 12:30 बजे से लेकर रात के 9:30 बजे तक