पांच साल कोर्ट में केस लड़ती रही मां बेटी, आखिर में दिला पाई घूसखोर आपूर्ति इंस्पेक्टर और उसकी महिला सहयोगी को सजा, जानिए क्या है पूरा मामला?

 

पांच साल पहले एक उपभोक्ता ने सरकारी राशन की दुकान के खिलाफ दी थी शिकायत-

कोर्ट ने आरोपित आपूर्ति इंस्पेक्टर और उसकी सहयोगी महिला को दोषी करार दिया इन दोनों ने उनके केस को निपटाने के लिए इंस्पेक्टर व एक महिला ने विधवा राशन विक्रेता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। उसके बाद इनके खिलाफ कार्रवाही हुई।

नई दिल्ली Anuradha Aggarwal । सरकारी राशन की दुकान चलाने वाली एक महिला और उसकी बेटी ने रिश्वत देकर अपने खिलाफ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (एफएसआई) में दायर शिकायत को निपटाने की बजाय भ्रष्ट अधिकारी की पोल खोलने की ठानी। दोनों ने रिश्वत मांगे जाने पर इसकी शिकायत सीबीआई को कर दी। मां-बेटी पांच साल तक कानूनी प्रक्रिया के दौरान डटी रहीं।

कोर्ट ने मामले में आरोपित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर और उसकी महिला साथी को दोषी ठहराया है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इंस्पेक्टर नीरज कुमार सलूजा व महिला साथी सपना उर्फ चारु को भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 8 व आपराधिक साजिश के तहत दोषी ठहराया है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि साक्ष्यों व गवाहों से यह स्पष्ट हो गया है कि आरोपित महिला ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर के साथ मिलकर शिकायतकर्ता महिला और उसकी बेटी से रिश्वत वसूलने की साजिश रची। इतना ही नहीं, आरोपित महिला रिश्वत की रकम लेने जनकपुरी मेट्रो स्टेशन पर भी पहुंची, जहां उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों सीबीआई ने गिरफ्तार किया।

यह है मामला

दरअसल, ख्याला में राशन की दुकान चलाने वाली विधवा महिला कौशल्या के खिलाफ एक स्थानीय निवासी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि राशन वितरण में अनियमितता बरती जा रही है। इस शिकायत की जांच इंस्पेक्टर सलूजा को सौंपी गई। सलूजा ने राशन की दुकान का कई बार दौरा किया। इसी बीच कौशल्या के मोबाइल पर एक महिला का फोन आया और उसने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में अपनी अच्छी जान-पहचान का हवाला देकर एक लाख रुपये में शिकायत का निपटारा कराने की बात कही।

लेकिन, कौशल्या व उसकी बेटी ने अपने खिलाफ दायर शिकायत की परवाह किए बगैर इस भ्रष्ट गतिविधि का खुलासा करने की ठानी और 26 दिसंबर 2016 को उन्होंने रिश्वत की मांग को लेकर सीबीआई को शिकायत दी। जिसके बाद सीबीआइ ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।