अजब चोरों की गजब कहानी, लूट में कामयाब होने के लिए भगवान से मांगी थी मन्नत, फिर किया एक लाख रुपये का दान, जानिए कैसे हुआ खुलासा

 

लूट की मांगी थी मन्नत, एक लाख रुपये मंदिर की दान पेटी में डाले

कुछ रुपयों की बरामद और साक्ष्य आदि के लिए आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। अपराध में सफल होने के लिए भगवान से मांगी थी मन्नत आरोपितों से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि लूट में सफल होने के लिए आरोपितों ने भगवान से मन्नत मांगी थी।

नई दिल्ली, Anuradha Aggarwal। सिविल लाइन इलाके में दो मार्च की शाम पिस्टल की नोक पर एक करोड़ 15 लाख की लूट के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने लूट की रकम में से करीब एक करोड़ रुपये बरामद भी कर लिए हैं। लूट की वारदात के बाद आरोपित एक प्रसिद्ध मंदिर में लूट की रकम में से एक लाख रुपये दान कर किया था।

लूट में कामयाब होने पर आरोपितों ने पैसों से अलग-अलग कारोबार शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन उत्तरी जिला पुलिस से आरोपित अधिक दिनों तक नहीं बच सके। पुलिस ने एक-एक कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस ने बाबी, टैनी, स्पर्श, बेबी और एक अन्य बदमाश को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों को एसीपी सिविल लाइंस सत्येंद्र यादव की देखरेख में एसएचओ अजय शर्मा, एसआइ पंकज ठाकरान, सिपाही शिव, रमेश, जितेंद्र, रामदयाल और लाल सिंह की टीम ने दर्जनों सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस की मदद से एक सप्ताह में सुलझाने में कामयाबी पाई है। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाकर जांच शुरू की थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले को लेकर अभी कुछ रुपयों की बरामद और साक्ष्य आदि के लिए आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है।

अपराध में सफल होने के लिए भगवान से मांगी थी मन्नत

आरोपितों से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि लूट में सफल होने के लिए आरोपितों ने भगवान से मन्नत मांगी थी। वारदात के बाद आरोपित एक प्रसिद्ध मंदिर की दान पेटी में लूट की रकम में से एक लाख रुपये डाले थे। इसके बाद आरोपितों ने कहा कि कोई आपराधिक वारदात नहीं करेंगे। बता दें कि अनाज कारोबारी विनोद अग्रवाल का ख्याला में जयश्री बांके बिहारी ट्रेडर्स के नाम से फर्म का कार्यालय है।

उन्होंने फर्म के कर्मचारी नरेश अग्रवाल और करण को दो मार्च की शाम कूचा महाजनी इलाके से रुपयों के कलेक्शन के लिए भेजा था। जब कर्मचारी रुपयों को लेकर जा रहे थे इस दौरान बाइक सवार बदमाशों ने पिस्टल की नोट रुपये से भरा बैग लूट कर भाग गए थे।

सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिली मदद

कूचा महाजनी के दी बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंघल ने बताया की जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस मामले को इसलिए सुलझाया। डीसीपी ने यहां के व्यापारियों के साथ मीटिंग कर चांदनी चौक के आसपास 300 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इसका कंट्रोल रूम लाल किला चौकी और एसीपी कार्यालय में बनाया गया। इन्हीं सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच के बाद बदमाशों की पहचान की गई।