केंद्रीय बल की सुरक्षा में रामपुरहाट हिंसा की जांच कर रही है सीबीआइ

 

Birbhum Violence Case: केंद्रीय बल की सुरक्षा में रामपुरहाट हिंसा की जांच कर रही है सीबीआइ

Birbhum Violence Case सीबीआइ ने हिंसा के मुख्य आरोपितों में से एक तृणमूल नेता अनारुल हुसैन समेत 11 आरोपितों को सीबीआइ अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रभावित महिलाओं और ग्रामीणों से बात करने के लिए तीन महिला अधिकारियों को सीबीआइ टीम में रखा गया है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बीरभूम जिले के रामपुरहाट के बोगटूई गांव नरसंहार की सीबीआइ राज्य पुलिस नहीं, बल्कि केंद्रीय बलों की सुरक्षा के बीच जांच को आगे बढ़ा रही है। सीबीआइ अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय गृह विभाग ने सीआरपीएफ को तैनात किया है। सीआरपीएफ के जवान बीरभूम में सीबीआइ टीम के साथ है। खुफिया अधिकारी जहां भी जांच के लिए जा रहे हैं, उनके साथ सीआरपीएफ के 35 जवानों को तैनात है। केंद्र ने सीबीआइ अधिकारियों को अतिरिक्त सुरक्षा दिया है। प्रभावित महिलाओं और ग्रामीणों से बात करने के लिए तीन महिला अधिकारियों को सीबीआइ टीम में रखा गया है। इसके साथ ही रविवार को सीबीआइ ने हिंसा के मुख्य आरोपितों में से एक तृणमूल नेता अनारुल हुसैन समेत 11 आरोपितों को सीबीआइ अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर बोगटूई में सीबीआइ के आगमन के बाद से जांचकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार भी चिंतित थी। सीबीआइ रामपुरहाट में ही एक अस्थाई दफ्तर बनाकर जांच कर रही है। इसके अलावा जवानों को उस होटल के बाहर भी तैनात किया गया है, जहां सीबीआइ के अधिकारी ठहरे हुए हैं। वे लगातार अधिकारियों की सुरक्षा पर जुटे हैं। सुबह से शाम तक जांचकर्ता अलग-अलग जगहों पर जाकर अलग-अलग ग्रुप में जांच कर रहे हैं। केंद्रीय जांच अधिकारियों ने एसआइटी के सदस्यों से केस से संबंधित सारे दस्तावेज ले लिए हैं। इस बीच फारेंसिंक टीम लगातार घटनास्थल से नमूने एकत्रित कर उसकी जांच कर रही है।

21 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

सीबीआइ ने इस मामले में 21 आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआइ उनको हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। इसके अलावा सीबीआइ के अधिकारी प्रत्यक्षदर्शियों की सूची भी तैयार कर रहे हैं, जिनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

पीड़ितों को मिल रहीं धमकियां

इस मामले में मुख्य आरोपित व टीएमसी नेता अनारुल हुसैन को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, उसने मामले में साजिश के आरोप लगाए हैं। अभी 80 आरोपित फरार बताए जा रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर इस नरसंहार को अंजाम दिया था। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पीड़ितों को आरोपितों की ओर से धमकियां भी मिल रही हैं।

विरोध में भाजपा ने दिया धरना तो कांग्रेस ने निकाली पदयात्रा

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों व नेताओं ने बोगटूई हिंसा के खिलाफ रामपुरहाट में एसडीपीओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस मौके पर सुवेंदु ने कहा कि इस वारदात से ही टीएमसी सरकार का खात्मा होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य की कोई चिंता नहीं है। उधर, केंद्र की ओर से सुवेंदु की सुरक्षा बढ़ाकर जेड प्लस कर दी गई है। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस ने हिंसा के खिलाफ कोलकाता में पदयात्रा निकाली। वाममोर्चा की महिला शाखा की ओर से भी विरोध-प्रदर्शन किया गय

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