राकेश टिकैत ने कहा एमएसपी की कानूनी गारंटी हो वरना किसान फिर सड़कों पर उतरने को होगा मजबूर, जानिए और क्या कहा?

 

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग की।

किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत किसानों के एक बड़े नेता बनकर उभरे थे। उन्होंने एक साल से अधिक समय तक किसानों के हित के लिए आंदोलन किया इस दौरान वो अपने घर भी नहीं गए। उनके घर के लोग उनसे मिलने के लिए यूपी गेट पर ही आते थे।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने फिर कहा कि यदि केंद्र सरकार ने किसानों के हित का ध्यान नहीं रखा तो देश में फिर बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि यूनियन आंदोलन से पहले से ही ये मांगें कर रही है मगर सरकार ने अब तक इस पर विचार करके उसे फाइनल नहीं किया है। बीकेयू लगातार मांग कर रही है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी हो वरना किसान ऐसे ही लुटता आया है और लुटता रहेगा। एमएसपी पर वादा कर सरकार भी मुकर रही। इसके बाद उन्होंने धमकाने वाले अंदाज में कहा कि यदि सरकार ने बात न मानी तो मजबूरन किसान फिर सड़कों पर उतरेगा।

मालूम हो कि किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत किसानों के एक बड़े नेता बनकर उभरे थे। उन्होंने एक साल से अधिक समय तक किसानों के हित के लिए आंदोलन किया, इस दौरान वो अपने घर भी नहीं गए। उनके घर के लोग उनसे मिलने के लिए यूपी गेट पर ही आते थे। रक्षाबंधन के त्यौहार के मौके पर उनके गांव से बहन ने आकर यहीं पर राखी बांधी थी, उस समय की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर काफी वायरल भी हुई थी। इस पर टिकैत ने कहा था कि वो किसानों की मांग को पूरा किए बिना अपने घर वापस नहीं जाएंगे।जब गुरूपूर्णिमा के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वंय इस बात की घोषणा कर दी कि तीनों कृषि कानून खत्म किए जा रहे हैं उसके बाद ही किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म किया। यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के किसान अपने घरों की ओर वापस लौटे। इससे पहले भी किसानों के धरना प्रदर्शन स्थलों पर कई तरह की घटनाएं हुई। निहंगों ने बेअदबी के मामले में जिस युवक की नृशंस तरीके से हत्या कर दी थी उसकी पूरी दुनिया में आलोचना हुई। इससे पहले 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर हुए ट्रैक्टर मार्च ने देश की छवि खराब करने का काम किया था। इस मार्च के दौरान तो किसानों ने लाल किले पर भी उपद्रव मचाया था।