आपकी मौज मस्ती से मुश्किल में है ध्रुवीय भालू का जीवन, जानिए कैसे?

 

Jagran Special: ध्रुवीय भालू के जीवन पर संकट

बढ़ते प्रदूषण के कारण उत्तरी ध्रुव पर पाए जाने वाले पोलर बियर के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। ध्रुवीय भालू के आवास समुद्री बर्फ के आसपास होते हैं। इसके पिघलने से पर्याप्त भोजन खोजने की इसकी क्षमता कम हो जाती है।

नई दिल्ली। छुट्टियों में अपनी कार से परिवार के साथ लम्बे सफर पर निकल जाना किसे अच्छा नहीं लगता। पर क्या आपको पता है कि आपके इस आनंद के लिए सिर्फ आपको नहीं इस धरती पर रहने वाले कई जीवों को कीमत चुकानी पड़ती है। आपके और आपके बच्चों ने किताबों में इग्लू हाउस और पोलर बियर की बातें पढ़ी होंगी, लेकिन हो सकता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ये सब इतिहास की बातें हों। धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ इसका सबसे बड़ा कारण गाड़ियों से निकलने वाले धुएं या पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म इंधन को जलाए जाने को मान रहे हैं। धरती का तापमान बढ़ने से माना जा रहा है कि धरती के उत्तरी ध्रुव पर पाए जाने वाले पोलर बियर या ध्रुवी भालू भी डाइनासोर की तरह इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। ध्रुवीय भालू का कोई प्राकृतिक शत्रु नहीं होता है। मनुष्य उनका सबसे बड़ा खतरा हैं। उन्हें आईयूसीएन रेड लिस्ट ऑफ़ थ्रेटड स्पीशीज़ में असुरक्षित बताया गया है। प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ (IUCN) ने ग्लोबल वार्मिंग को ध्रुवीय भालू के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसे ऐसी स्पीसीज के तौर पर सूचीबद्ध किया है जो खतरे में हैं।

दरअसल, ध्रुवीय भालू के आवास समुद्री बर्फ के आसपास होते हैं। इसके पिघलने से पर्याप्त भोजन खोजने की इसकी क्षमता कम हो जाती है। बर्फ से ढके आर्कटिक में ध्रुवीय भालू दुनिया के सबसे बड़े मांसाहारी जीव हैं। वे ज्यादातर सील को खा कर अपना पेट भरते हैं। ध्रुवीय भालू बिना रुके लगभग 60 मील तक तैर सकते हैं और 10 मील दूर तक शिकार को सूंघ सकते हैं। ध्रुवीय भालू आकार में 2.5 मीटर तक होत हैं। ध्रुवीय भालू न केवल सबसे बड़ा भालू है, बल्कि धरती पर रहने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मांसाहारी जीव भी है। वे आकर्षक जीव हैं जो पृथ्वी पर कुछ सबसे कठोर और ठंडे वातावरण में जीवित रहने के लिए विकसित हुए हैं।

कहां पाए जाते हैं ध्रुवीय भालू?

ध्रुवीय भालू मुख्य रूप से आर्कटिक से लगे कनाडा, अलास्का, ग्रीनलैंड, रूस और नॉर्वे के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। जमीन पर पैदा होने के बावजूद वे अपना ज्यादातार समय समुद्र में बिताते हैं और केवल समुद्री बर्फ से ही शिकार करते हैं। ध्रुवीय भालू आमतौर पर मांसाहारी होते हैं, हालांकि शिकार न मिलने पर वे अन्य खाद्य स्रोतों पर निर्भर हो जाते हैं। उनका मुख्य आहार समुद्र में पाई जाने वाली सील है, लेकिन वे मरी हुई व्हेल मछली भी खा लेते हैं।

ध्रुवीय भालू बेहतरीन तैराक होते हैं। वे बिना ब्रेक लिए 60 मील से ज्यादा एक बार में तैर सकते हैं। लेकिन वो समुद्र में शिकार नहीं करते हैं। ध्रुवीय भालू धरती के सबसे ठंडे वातावरण में से एक में रहते हैं और गर्म रखने के लिए इन्सुलेटेड फर के मोटे कोट और इन्सुलेट वसा की एक परत पर निर्भर करते हैं। उनके पंजों के तल पर भी फर उग आते हैं, जो न केवल उन्हें ठंडी जमीन से बचाता है बल्कि उन्हें बर्फ पर पकड़ बनाने में भी मदद करता है। उनकी त्वचा भी उन्हें गर्म रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बच्चों को ठंड से ऐसे बचाते हैं

मादा ध्रुवीय भालू सर्दियों के महीनों के दौरान गहरी बर्फ के बहाव से खोदी गई बर्फ की मांद में जन्म देती हैं। मांद भूखे शिकारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं और कड़ाके की ठंड से इन्सुलेशन प्रदान करते हैं। युवा ध्रुवीय भालू शावक अपनी मां के साथ लगभग 28 महीने तक जीवित रहने के कौशल सीखने के लिए रहते हैं। मादाएं आक्रामक रूप से अपने बच्चों की रक्षा करती हैं। ध्रुवीय भालू शक्तिशाली शिकारी होते हैं जो अक्सर इंसानों से डरते नहीं हैं। खासकर जब से समुद्री बर्फ गायब हो रही है और शिकार दुर्लभ और पकड़ने में मुश्किल है। खाने की तलाश में वे इंसानी बस्तियों तक पहुंचने लगे हैं।