नेपाल के प्रधानमंत्री एक अप्रैल से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर, पीएम मोदी और एनएसए अजीत डोभाल से होगी मुलाकात

 

2021 में नेपाल के पीएम बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा

इस दौरे की जानकारी देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि जुलाई 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा यह पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। नेपाली प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी साथ में होगा।

नई दिल्ली, एएनआइ। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अपनी पत्नी आरजू देउबा के साथ तीन दिवसीय भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरे की अधिक जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अपनी पत्नी आरजू देउबा के साथ 01 से 03 अप्रैल 2022 तक भारत की आधिकारिक यात्रा करेंगे। जुलाई 2021 में नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।

विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि जुलाई 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा यह पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। नेपाली प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी साथ में होगा। नेपाली पीएम प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत करेंगे और 2 अप्रैल को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से भी मुलाकात करेंगे।

उपराष्ट्रपति, पीएम मोदी और एनएसए अजीत डोभाल से होगी मुलाकात

विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री उपराष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और 2 अप्रैल को प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) अजीत डोभाल नेपाली पीएम से मुलाकात करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री देउबा अपनी आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान वाराणसी भी जाएंगे।

भारत और नेपाल की दोस्ती सदियों पुरानी

मंत्रालय के बयान में कहा गया कि भारत और नेपाल की दोस्ती और सहयोग सदियों पुराने विशेष विशेष संबंधों के आधार पर है। हाल के वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी ने सहयोग के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है। यह यात्रा दोनों पक्षों को इस व्यापक स्तर की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करेगी।

बता दें की नेपाल के प्रधानमंत्री की यह यात्रा चीनी विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी की यात्रा के समापन के बाद हो रही है। यी की नेपाल यात्रा मिलेनियम चैलेंज कारपोरेशन (MCC) काम्पेक्ट की पुष्टि करने वाले नेपाल की पृष्ठभूमि में रही है, जो अमेरिका से काठमांडू को 500 मिलियन अमरीकी डालर की विकास सहायता का अनुदान है, जिसे चीन के लिए एक झटके के रूप में देखा जाता है।