बसपा प्रमुख मायावती के गांव में किसे मिले ज्यादा वोट, क्या रही भाजपा और सपा की स्थिति

 

बसपा प्रमुख मायावती के गांव में किसे मिले ज्यादा नोट, क्या रही भाजपा और सपा की स्थिति

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के गांव में प्रत्याशी को भाजपा से भी कम वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर आ गई। भाजपा पहली बार यहां पहले स्थान पर रही। इससे पहले दूसरे या तीसरे पर रही है।

नोएडा/दादरी । यूपी चुनाव में कुल 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 1 सीट हासिल करने वाली बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती भले ही समाजवादी पार्टी और मुस्लिमों द्वारा पार्टी को वोट नहीं देने का आरोप लगा रही हो, लेकिन सच्चाई यह है उन्होंने अपने गृह जिले में ही जनाधार खो दिया है। मायावती को गौतमबुद्धनगर को अपने पैतृक गांव बादलपुर में ही बुरी तरह शिकस्त मिली है। इसके साथ गौतमबुद्धनगर की तीनों सीटों पर मायावती के प्रत्याशी बुरी तरह हारे हैं। 

मायावती के गांव में भाजपा ने मारी बाजी

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह जनपद होने के कारण दादरी विधान सभा बसपा का गढ़ माना जाता था। विधानसभा चुनाव 2012 व 2017 में बसपा बादलपुर गांव में पहले स्थान पर रही थी, लेकिन 2022 के चुनाव में पार्टी गांव में दूसरे स्थान पर खिसक गई। इस बार भाजपा ने बाजी मारते हुए सर्वाधिक वोट प्राप्त किए। सपा ने भी अपना वोट प्रतिशत मजबूत किया और बसपा से महज चार वोट से पीछे रहकर तीसरे स्थान पर रही। इसका एक बड़ा कारण मायावती का गिरता ग्राफ है। बसपा सुप्रीमो इस बार चुनाव प्रचार के लिए नहीं आईं। उधर मोदी-योगी के विकास, कानून व्यवस्था और राष्ट्रवाद का मुद्दा लोगों को अपना बनाने में सफल रहा। गौतमबुद्ध नगर को जिला बनाने व विकास की नींव बसपा शासनकाल में ही रखी गई थी।

बता दें कि चुनाव प्रचार में भी पार्टी के तीनों प्रत्याशियों का पहला मुद्दा यही था। जिले को विकास की धारा में लाने की कहकर वोट मांगे। इसके बाद भी बसपा सुप्रीमो के गांव में उन्हें तीसरे स्थान पर ला खड़ा किया। भाजपा पहली बार यहां पहले स्थान पर रही। इससे पहले दूसरे या तीसरे पर रही है। 2012 के चुनाव में जब सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी तब भी बसपा बादलपुर में आगे रही थी। भाजपा नेता महेंद्र सिंह नागर ने बताया कि बादलपुर में पहली बार कमल खिला है। योगी-मोदी के विकास के मुद्दे का असर दिखा है।