सोलोमन द्वीप पर चीन की नजरें, बढ़ा सकता है अपनी सैन्य मौजूदगी, खुलासे से बढ़ेगी आस्ट्रेलिया की टेंशन

 

चीन की नजरें अब सोलोमन द्वीप पर हैं...

लीक हुए एक दस्‍तावेज से खुलासा हुआ है कि सोलोमन द्वीप ने चीन के साथ एक समझौता किया है।इसके तहत चीन अब सोलोमन द्वीप में अपनी सैन्‍य मौजूदगी को बढ़ा सकता है। इस जानकारी से आस्ट्रेलिया समेत अन्य पड़ोसी मुल्‍कों की चिंता बढ़ने वाली है।

वेलिंगटन, एपी। यूक्रेन पर रूसी हमले ने चीन का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। चीन अपनी आक्रामकता को बढ़ा सकता है। लीक हुए एक दस्‍तावेज से संकेत मिलता है कि चीन अब सोलोमन द्वीप में अपनी सैन्‍य मौजूदगी को बढ़ा सकता है। यह जानकारी पड़ोसी आस्ट्रेलिया और अन्य मुल्‍कों की चिंता बढ़ाने वाली है। सोलोमन द्वीप की ओर से कहा गया है कि उसने चीन के साथ एक समझौता कर लिया है।

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक आस्ट्रेलिया के लिए चिंताजनक सीमा सुरक्षा समझौते का वह मसौदा है जो लीक हो गया है। समझौते की शर्तों के मुताबिक चीन अब सामाजिक व्यवस्था बरकरार रखने एवं अन्य वजहों का हवाला देते हुए में सोलोमन द्वीप में पुलिस और सेना के जवानों को भेज सकता है। यही नहीं चीन इस द्वीप में अपने जहाजों को भी कुछ समय के लिए भेज सकता है।आस्‍ट्रेलिया का कहना है कि हमारे क्षेत्र को अस्थिर करने वाली किसी भी आक्रामक गतिविधि‍ को लेकर हमारी चिंता जायज है। दरअसल सोलोमन द्वीप की राजधानी होनीआरा में पिछले साल दंगे हुए थे। हालांकि आस्ट्रेलिया एवं अन्‍य पड़ोसी मुल्‍कों ने सुरक्षा सहायता भेजी थी। अब इसमें चीन की एंट्री होने से तनाव पैदा होने की आशंका है। वहीं न्यूजीलैंड का कहना है कि चीन के साथ सोलोमन द्वीप का समझौता चिंता पैदा करने वाला है।

वहीं चीन की दलील है कि सोलोमन ने समान व्यवहार के आधार पर ऐसा किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि यह सौहार्द्रपूर्ण समझौता है। क्षेत्र में शांति एवं सदभाव को बढ़ावा देने वाला है। यह क्षेत्र में सभी देशों के हित में है। वांग वेनबिन ने दंगों से निपटने में सोलोमन द्वीप को किए जाने वाले सहयोग का तो जिक्र किया लेकिन समझौता को लेकर कोई जानकारी नहीं साझा की।