संजय चंद्रा की पत्नी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब

 

प्रीति ने अपनी दादी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है।

पीठ ने कहा कि प्रीति चंद्रा की याचिका पर वह शुक्रवार को अपना आदेश जारी करेगी। इससे पहले ईडी ने आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जमानत मिलने पर प्रीति देश छोड़कर जा सकती हैं और अफसोस करने से बेहतर सुरक्षित रहना है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि वह यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा की अंतरिम जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे। प्रीति ने अपनी दादी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि प्रीति चंद्रा की याचिका पर वह शुक्रवार को अपना आदेश जारी करेगी। इससे पहले ईडी ने आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि जमानत मिलने पर प्रीति देश छोड़कर जा सकती हैं और अफसोस करने से बेहतर सुरक्षित रहना है। ईडी की ओर से पेश एडिशनल सालिसिटर जनरल माधवी दीवान ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रीति को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह देश छोड़ने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने दलील दी कि चंद्रा ने हाल ही में डोमिनिक रिपब्लिक की नागरिकता हासिल की है जो उन देशों में शामिल है जिनके साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश लाहोटी का निधन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेशचंद्र लाहोटी का बुधवार शाम हृदयगति रुकने से निधन हो गया। मूलरूप से मध्य प्रदेश के गुना के रहने वाले लाहोटी 81 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 10 बजे दिल्ली में किया जाएगा। उनके भाई जीके लाहोटी ने बताया कि बुधवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से अपोलो हास्पिटल, दिल्ली में उनको भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि जिला न्यायालय गुना व मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में प्रैक्टिस के बाद तीन मई, 1988 को रमेशचंद्र लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। चार अगस्त, 1989 को उनको स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद 1994 में फरवरी माह में उनको दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। वह दिसंबर, 1998 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। इसके बाद एक जून, 2004 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। लाहोटी 31 अक्टूबर, 2005 तक इस पद पर रहे।