फ्लैट-प्लाट है तो भी ले सकेंगे डीडीए आवास, जानिये- ताजा बदलाव के बारे में

 

DDA Housing Scheme: दिल्ली में अब आसान हुआ डीडीए का दूसरा फ्लैट लेना, पढ़िये- ताजा बदलाव के बारे में

DDA Housing Scheme दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा नियमों में बदलाव करने के बाद भविष्य में आने वाली आवासीय योजनाओं में ऐसे लोग भी आवेदन कर सकेंगे जिनके बाद पहले से डीडीए फ्लैट है। नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी ताकि ऐसे लोग भी उसकी आवासीय योजना में आवेदन कर सकें।

नई दिल्ली Anuradha Aggarwal । देश की राजधानी दिल्ली में फ्लैट लेने वालों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके तहत अब ऐसे लोग भी डीडीए की आवासीय योजना में आवेदन कर सकेंगे जिनके पास स्वयं एवं उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर दिल्ली में पहले से 67 वर्गमीटर से ऊपर के क्षेत्रफल का कोई फ्लैट या प्लाट हो। डीडीए ने अपने आवासीय नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी ताकि ऐसे लोग भी उसकी आवासीय योजना में आवेदन कर सकें। इस तरह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने लंबे समय से राजधानी में अपने आशियाने की तलाश कर रहे लोगों की राह आसान बना दी है। उपराज्यपाल एवं डीडीए के अध्यक्ष अनिल बैजल के नेतृत्व में शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (आवासीय संपदा का प्रबंधन और निपटान) विनियम, 1968 में संशोधन को स्वीकृति दी गई।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में डीडीए उपाध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता, बोर्ड के सदस्य विधायक विजेंद्र गुप्ता विधायक, सोमनाथ भारती और ओपी शर्मा सहित प्राधिकरण के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।आवासीय योजना की प्रतीक्षा सूची वाले आवंटियों की संख्या योजना के तहत प्रस्तावित फ्लैटों की संख्या के बराबर होगी, जबकि मौजूदा विनियम के अनुसार यह संख्या 25 प्रतिशत है।

विकासशील क्षेत्रों के बिना बिके फ्लैटों की पेशकश 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर की जा सकती है और फ्लैटों के स्वामित्व की कोई शर्त आवेदकों पर लागू नहीं होगी। दूसरे शब्दों में, बिना बिके फ्लैट एक आवेदक द्वारा खरीदे जा सकते हैं, भले ही उसके पास दिल्ली में फ्लैट या प्लाट हो। सार्वजनिक संस्थाएं (केंद्र/राज्य सरकार के विभाग/संगठन) भी ऐसे बिना बिके फ्लैटों के आवंटन के लिए पात्र होंगे। प्रस्तावित संशोधनों को अनुमोदन एवं अधिसूचना के लिए अब केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।

इको पार्क के लिए भू उपयोग बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी

बोर्ड बैठक में राजधानी का पहला अपग्रेडेड ई-कचरा प्रबंधन (इको-पार्क) बनाने के उद़्देश्य से एक भूखंड (8.5 हेक्टेयर या 21 एकड़) के लिए भू उपयोग (लैंड यूज चेंज) बदलने के प्रस्ताव को भी प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किया गया। इससे राजधानी में वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक तकनीकों के साथ ई कचरा प्रबंधन हो सकेगा। ग्राम होलंबी कलां में जोन पी-ढ्ढ (नरेला उपनगरी) में ''आवासीय-आरडी'' से ''यूटिलिटी-यू चार'' में बदलने का प्रस्ताव किया गया।

एनडीआरएफ मुख्यालय के भू उपयोग बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर

एनडीआरएफ मुख्यालय की स्थापना के लिए आवंटित ''आवासीय'' से ''सरकार (जी2)'' के लिए वसंत विहार में 0.6769 हेक्टेयर (6769.60 वर्गमीटर) के भूखंड के लिए भू उपयोग के परिवर्तन को भी मंजूरी दे दी गई। बल के पास मुख्यालय की स्थापना के लिए कोई स्थायी कार्यालय स्थल नहीं है। उचित कार्यालय स्थल की अनुपलब्धता के कारण मुख्यालय एनडीआरएफ में राष्ट्रीय आपातकालीन संचार योजना (एनईसीपी) स्थापित करना बहुत कठिन है। इसलिए इस मुद्दे को दूर करने के लिए नई दिल्ली में डीजी एनडीआरएफ मुख्यालय की स्थापना जरुरी थी।