दिल्ली में मामूली कहासुनी पर छात्र की हत्या के मामले में दो गिरफ्तार

 

इस मामले में निशानदेही पर रविवार को आशीष और सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने सबसे पहले गोली चलाने वाले मुख्य आरोपित साहिल उर्फ मोनू उर्फ लाठर को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था। यह नंगली डेयरी का रहने वाला है। इसकी निशानदेही पर रविवार को आशीष और सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

नई दिल्ली,  संवाददाता। द्वारका नार्थ थाना क्षेत्र स्थित एक स्कूल के बाहर छात्रों के बीच हुई कहासुनी के दौरान एक छात्र खुर्शीद की हत्या मामले में पुलिस ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों की संख्या बढ़कर तीन हो चुकी है, जिसमें साहिल, आशीष व सुमित शामिल हैं।

बता दें, शनिवार को सेक्टर-16 के स्कूल के बाहर छात्रों के दो गुटों में हुए झगड़े में कुछ बाहरी तत्व शामिल हुए थे। एक पक्ष की तरफ से चली गोली दूसरे पक्ष के युवक को लग गई।

घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आरोपितों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले गोली चलाने वाले मुख्य आरोपित साहिल उर्फ मोनू उर्फ लाठर को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था। यह नंगली डेयरी का रहने वाला है। इसकी निशानदेही पर रविवार को आशीष और सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आशीष नजफगढ़ के नंगली विहार का रहने वाला है जबकि सुमित द्वारका के सेक्टर-16 ए में रहता है।

वहीं, मंगोलपुरी इलाके में सूटकेस में शव मिलने की गुत्थी सुलझा ली गई है। आरोपित नाबालिग नशे में अपशब्द कहने पर किशोर का गला रेतकर हत्या कर दी थी और शव को सूटकेस में भरकर फेंका दिया था। जानकारी के अनुसार विनोद कुमार ने 24 मार्च की देर रात 17 साल के बेटे कृष्ण की गुमशुदगी की रिपोर्ट साउथ रोहिणी थाने में दर्ज कराई थी।

कृष्ण का शव 25 मार्च की सुबह मंगोलपुरी इलाके में सूटकेस में मिला था। ऐसे में इंस्पेक्टर गजे सिंह की देखरेख में एसआइ वीरेंद्र सिंधु की टीम ने जांच शुरू की, जिसमें कृष्ण को अंतिम बार आरोपित के साथ देखे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद मृतक के फोन लोकेशन से भी यह बात सच साबित हो गई।

ऐसे में आरोपित के घर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिससे पता चला कि कृष्ण आरोपित के घर गया था और दो घंटे के बाद आरोपित अपने घर से सूटकेस के साथ बाहर आया। पुलिस के अनुसार वह शव को ई रिक्शा से फेंकने के लिए गया था। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि घर पर कोई नहीं था। ऐसे में 24 मार्च को वह नशा करने के लिए कृष्ण को अपने घर पर लेकर आया। नशे की हालत में कृष्ण ने उसे अपशब्द कह दिया तो उसने चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।