दिल्ली मेट्रो के पहले हाल्ट इंटरचेंज स्टेशन के शुरू होने से यात्रियों को मिलेगी राहत

 

दिल्ली मेट्रो के पहले हाल्ट इंटरचेंज स्टेशन के शुरू होने से यात्रियों को मिलेगी राहत

Delhi Metro Halt News पंजाबी बाग में ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर-इंद्रलोक-बहादुरगढ़) पर दिल्ली मेट्रो के पहले इंटरचेंज हाल्ट स्टेशन के शुरू होने से अब यात्रियों को ट्रेने बदलने के लिए मेट्रो स्टेशन से बाहर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

नई दिल्ली Anuradha Aggarwal । दिल्ली मेट्रो का पहला हाल्ट इंटरचेंज स्टेशन शुरू किया जाना स्वागतयोग्य है। ग्रीन लाइन (बहादुरगढ़ सिटी पार्क-इंद्रलोक-कीर्ति नगर)पर शुरू किए गए पंजाबी बाग पश्चिम इंटरचेंज स्टेशन से मेट्रो की यह लाइन अब पिंक लाइन (मजलिस पार्क-शिव विहार) के साथ जुड़ गई है। ये दोनों कारिडोर इससे पूर्व एक-दूसरे से जुड़े नहीं थे। यानी अब हरियाणा के बहादुरगढ़ के साथ ही दिल्ली के मुंडका व आसपास के स्टेशनों से मेट्रो में सवार हुआ यात्री अब सरोजनी नगर, दिल्ली हाट आइएनए, लाजपत नगर और निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन होते हुए उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद की सीमा तक आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पहुंच सकता है। इसके लिए उसे मेट्रो स्टेशन से बाहर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस हाल्ट स्टेशन में खास बात यह भी है कि पहली बार मेट्रो ने पूर्व निर्मित स्टील के ढांचे से हाल्ट इंटरचेंज स्टेशन तैयार किया है।

दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन चौथे चरण के तीन कारिडोर पर 12 इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण करेगा, जिनमें से नौ नए स्टेशन होंगे, जबकि तीन पुराने स्टेशनों को इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा। इससे मेट्रो में 37 इंटरचेंज स्टेशन उपलब्ध हो जाएंगे, जो मेट्रो यात्रियों के लिए खासे सुविधाजनक साबित होंगे। इससे यात्री अपनी जरूरत के मुताबिक किसी भी मेट्रो स्टेशन से मेट्रो पकड़कर दिल्ली के किसी भी कोने तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे उन्हें सड़क मार्ग का इस्तेमाल कम करने या नहीं करने की जरूरत पड़ेगी। इससे यातायात जाम में समय बर्बाद नहीं होगा और जाम में फंसने से होने वाली मानसिक परेशानी से भी वे मुक्त रहेंगे। लोगों को चाहिए कि वे मेट्रो का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि वे सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक सफर कर सकें और सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम हो सके। साथ ही मेट्रो प्रबंधन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मेट्रो में तकनीकी खामी न आने पाए। हाल के दिनों में तकनीकी खराबी की दो बड़ी घटनाएं हुई हैं, जो दर्शाती हैं कि इस दिशा में अभी काफी सुधार की जरूरत है।