नेता-कार्यकर्ता ही नहीं सदस्य भी कांग्रेस से बना रहे दूरी, सदस्यता अभियान के दौरान सामने आईं ये चौंकाने वाली बातें

 

सदस्यता अभियान की अंतिम तिथि है 31 मार्च, अभी तक 10 लाख के लक्ष्य का चौथाई भी नहीं हो पाया है पूरा।

लक्ष्य पूरा हो या नहीं लेकिन संगठन के चुनाव में 31 मार्च तक सदस्य बनने वाले ही हिस्सा ले सकेंगे। सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद पहले ब्लाक फिर जिला एवं उसके बाद प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव होगा। अंत में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है।

नई दिल्ली surender Aggarwal। कांग्रेस से दूरी बनाने वालों में नेता-कार्यकर्ता ही नहीं, सदस्य भी हैं! शायद इसीलिए दिल्ली में चल रहा सदस्यता अभियान अभी तक एक चौथाई लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाया है। यह बात अलग है कि सर्वाधिक नए सदस्य बनाने वाले शीर्ष 10 राज्यों की सूची में दिल्ली का नंबर तब भी चौथा है।

बता दें कि जनवरी में शुरू हुए कांग्रेस के इस सदस्यता अभियान की अंतिम तारीख 31 मार्च है। इस तारीख तक बनने वाले सदस्यों के नाम ही उस मतदाता सूची में शामिल होंगे, जो पार्टी के संगठन चुनाव का हिस्सा बनेंगे। दिल्ली में 31 मार्च तक करीब 10 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन शनिवार तक लगभग 2.14 लाख ही सदस्य बन पाए हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार डिजिटल सदस्यता अभियान चल रहा है। 10 हजार से अधिक पार्टी नेताओं को एनरोलर (सदस्य बनाने वाला) बनाया गया है जो मोबाइल के जरिये सदस्य बनाते हैं। हर नए सदस्य से पांच रुपये सदस्यता शुल्क भी लिया जा रहा है। बताया जाता है कि सभी एनरोलर से उनको दिए लक्ष्य के अनुरूप सदस्यता शुल्क अग्रिम ही ले लिया गया है, जबकि सदस्य उसके अनुरूप बन नहीं पाए। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को ही सभी राज्यों के महासचिव- प्रभारियों की बैठक लेकर सदस्यता अभियान की समीक्षा की।

बैठक में स्पष्ट कर दिया गया है कि लक्ष्य पूरा हो या नहीं, लेकिन संगठन के चुनाव में 31 मार्च तक सदस्य बनने वाले ही हिस्सा ले सकेंगे। मालूम हो कि सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद पहले ब्लाक, फिर जिला एवं उसके बाद प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव होगा। अंत में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। संगठन चुनाव की पूरी प्रक्रिया अगस्त या सितंबर तक खत्म होनी है।

राज्यसभा सदस्य एवं दिल्ली कांग्रेस प्रभारी

यह सही है कि संगठन चुनाव में 31 मार्च तक सदस्य बनने वाले ही हिस्सा बन सकेंगे। रही बात लक्ष्य की तो इस चुनाव से इतर सदस्य बनाने का अभियान अभी चलता रहेगा। इसलिए पूरा होने अथवा अधूरा रहने जैसी कोई बात नहीं है। दिल्ली की स्थिति फिर भी ठीक है। सर्वाधिक सदस्य बनाने वाले शीर्ष 10 राज्यों में दिल्ली चौथे नंबर पर है।

-शक्ति सिंह गोहिल, राज्यसभा सदस्य एवं दिल्ली कांग्रेस प्रभारी