दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह को सेवा विस्तार देने के खिलाफ याचिका

 

दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह को सेवा विस्तार देने के खिलाफ याचिका

अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर इस याचिका में ये भी मांग की गई है कि इस पद की ऊपरी आयु सीमा 60 वर्ष होनी चाहिए और जो लोग भी 1 अक्तूबर 2021 तक इस पद के लिए उपयुक्त हैं वो आवेदन दे सकें।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक के पद को लेकर दस फरवरी 2022 को दिल्ली सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई है। इस पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम को दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से नोटिस भेजा गया है। अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर कर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष घोषित करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि विज्ञापन के अनुसार प्रबंध निदेशक का कार्यकाल पांच साल का है और 65 साल की सेवानिवृत्ति की तारीख आंतरिक एवं बाहरी उम्मीदवारों के लिए समान है। याचिका में आगे कहा गया है कि राज्य सरकार ने एक उपयुक्त उम्मीदवार की अनुपलब्धता की आड़ लेकर वर्तमान प्रबंध निदेशक का कार्यकाल फिर बढ़ाया है। किंतु मापदंडों को पूरा करने वाले लखनऊ व चेन्नई आदि मेट्रो से आवेदकों के लिए अधिकतम आयु कम कर दी है। यह पूरी तरह से मनमाना है और इस अवैध घोषित किया जाए।

अश्विनी उपाध्यान ने अपनी याचिका में कहा है कि नियम के बावजूद दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार वर्तमान प्रबंध निदेशक मंगू सिंह को चार बार सेवा विस्तार दे चुकी है। इसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि पद के लिए कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिल रहा है। उधर, सरकार ने लखनऊ मेट्रो, चेन्नई मेट्रो समेत अन्य मेट्रो से आने वाले अनुभवी व उपयुक्त आवेदकों के लिए आयु सीमा घटा दी है। ऐसे में दिल्ली सरकार की यह अधिसूचना स्पष्ट रूप से मनमाना, तर्कहीन, अनुचित है और बेशर्मी से अनुच्छेद 14, 16, 21 का उल्लंघन करती है।

याचिका में अदालत से ये निर्देश देने की मांग की गई है कि डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक का पद न सिर्फ अत्यंत विशिष्ट है और इसके लिए सबसे सक्षम और अनुभवी व्यक्ति की आवश्यकता है बल्कि साथ ही यह एक अनारक्षित और एकमात्र पद भी है इसलिए यह मनमाना, तर्कहीन और भेदभावपूर्ण नहीं हो सकता।