सुरक्षित रेल परिचालन के लिए उत्तर रेलवे ने की बड़े पैमाने पर संरक्षा अभियान की शुरुआत, पढ़िए अन्य डिटेल

 

लगभग 6.2 करोड़ से अधिक संदेश भेजे जा चुके हैं।

रेल पटरियों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कर्मचारियों व यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। इसी तरह से सुरक्षित तरीके से रेल पटरी पार करने के लिए लोगों को मोबाइल पर संदेश भेजकर जागरूक किया जा रहा है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के साथ ही ट्रेनों की आवाजाही भी लगभग सामान्य हो गई है। अधिकतर ट्रेनें पटरी पर लौट आई हैं। सुरक्षित रेल परिचालन के लिए उत्तर रेलवे ने बड़े स्तर पर संरक्षा अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत रेल पटरी, सिगनल, कोच आदि के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के साथ ही कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संरक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए महाप्रबंधक की देखरेख में सभी प्रमुख विभागों के अध्यक्ष इसकी समीक्षा करेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि रेलवे परिसंपत्तियों के अनुरक्षण और रेल परिचालन की निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन जरूरी है। मानवीय त्रुटियों को दूर करने के लिए कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण होना चाहिए। सभी मंडलों को इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि व्यस्त रेल मार्गो पर विशेष अभियान चलाकर पटरी की जांच की जा रही है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने सभी मंडलों में महत्वपूर्ण रेल खंडों का निरीक्षण कर चुके हैं। सभी रेलवे पुलों की भी जांच की जा रही है, जिससे ढांचागत खामियों को समय रहते दूर किया जा सके।

रेलवे क्रासिंग को खत्म कर सबवे बनाने के काम में तेजी लाई जा रही है। रेल पटरियों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कर्मचारियों व यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। इसी तरह से सुरक्षित तरीके से रेल पटरी पार करने के लिए लोगों को मोबाइल पर संदेश भेजकर जागरूक किया जा रहा है। लगभग 6.2 करोड़ से अधिक संदेश भेजे जा चुके हैं।