दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अगले माह हो जाएगा तैयार, जानिए खासियतें और मुंबई पहुंचने में कितना लगेगा समय

 

अगले साल मार्च तक पूरा प्रोजेक्ट तैयार करने का रखा गया है लक्ष्य

इसके बनने से जयपुर किशनगढ़ अजमेर कोटा चित्तौड़गढ़ उदयपुर भोपाल उज्जैन इंदौर अहमदाबाद वडोदरा और सूरत जैसे शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि फिरोजपुर झिरका से अलवर तक को अप्रैल के पहले सप्ताह में चालू कर दिया जाएगा।

गुरुग्राम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फिरोजपुर झिरका से अलवर के बीच अप्रैल से वाहन दौड़ने लगेंगे। इसके लिए इस महीने के अंत तक पैकेज चार और पांच का काम पूरा कर लिया जाएगा। दोनों पैकेज के बीच की दूरी लगभग 73 किलोमीटर है। वर्तमान में इतनी दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लगता है।

चालू होने के बाद 35 से 40 मिनट में दूरी तय की जा सकेगी। 120 किलाेमीटर से अधिक की गति से वाहन चल सकें, इसे ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। अप्रैल अंत तक अलवर से दौसा के बीच भी वाहन दौड़ते हुए दिखाई दे सकते हैं। इसके लिए भी तैयारी जोरों पर जारी है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से देश की आर्थिक राजधानी के रूप में शुमार मुंबई की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण की शुरुआत नौ मार्च 2019 को आधारशिला रखने के साथ हुई थी। इसके निर्माण पर लगभग 95 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। 1380 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण का लक्ष्य मार्च 2023 रखा गया है। फिलहाल आठ लेन का एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है।

आने वाले समय में इसमें चार लेन और जोड़कर 12 लेन तक का किया जाएगा। लेन की संख्या बढ़ाने में आगे दिक्कत न हो इसके लिए एक्सप्रेस वे पर 21 मीटर चौड़ाई की मीडियन बनाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर इसे घटाकर एक्सप्रेस-वे को चौड़ा कर दिया जाएगा। हरियाणा में एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गुरुग्राम जिले में गांव अलीपुर से हो रही है। यह गुरुग्राम, पलवल और नूंह जिलों से होकर गुजर रहा है।

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कई राज्यों में विकास की गति तेज होगी

एक्सप्रेस-वे बनने से जहां दिल्ली से मुंबई का सफर केवल 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा वहीं हरियाणा के अलावा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में भी विकास की गति तेज होगी। इसके बनने से जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि फिरोजपुर झिरका से अलवर तक के भाग को हर हाल में अप्रैल के पहले सप्ताह में चालू कर दिया जाएगा। इसके दिन रात तैयारी चल रही है।

एक्सप्रेस-वे की खासियत

- दिल्ली से मुुंबई 24 घंटे की बजाय 12 घंटे में पहुंच सकेंगे।

- दिल्ली-मुंबई की दूरी लगभग 130 किलोमीटर कम हो जाएगी

- हर साल 32 करोड़ लीटर से अधिक ईंधन की बचत होगी।

- कार्बन डाई आक्साइड में 85 करोड़ किलोग्राम की कमी होगी।

- 500 मीटर के अंतराल पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित होगा।

- पूरे रूट पर यात्रियों के लिए 94 प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

- एक्सप्रेस-वे पर कई जगह हेलीकाप्टर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी।

- सभी हेलीपैड को किसी न किसी ट्रामा सेंटर से जोड़ा जाएगा।