भारत और चीन में बातचीत बनाए रखने पर सहमत, जानें कितनी कामयाब रही यह बैठक

 

भारत और चीन के बीच शुक्रवार को 15वें दौर की कोर कमांडर स्‍तर की वार्ता हुई।

5वें दौर की कोर कमांडर स्‍तर की बातचीत में भारत और चीन बाकी मुद्दों के स्वीकार्य समाधान के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। जानें इस वार्ता में कितनी हुई प्रगति...

नई दिल्ली, एजेंसियां। पूर्वी लद्दाख में कुछ स्थानों पर 22 माह से जारी गतिरोध के समाधान के लिए भारत और चीन के बीच शुक्रवार को 15वें दौर की उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता हुई। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने इस बातचीत में हुई प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों ही देश जल्द बाकी मुद्दों के स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। सनद रहे कि दो महीने पहले हुई ऐसी ही वार्ता का कोई फलदायी परिणाम नहीं निकला था।5वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास भारतीय क्षेत्र में चुशुल-मोल्दो बार्डर प्वाइंट पर सुबह 10 बजे शुरू हुई जो शाम तक चली। जानकारी के मुताबिक, वार्ता में भारत ने देपसांग और देमचोक में लंबित मुद्दों को सुलझाने समेत गतिरोध के बाकी स्थलों से सेनाओं को जल्द से जल्द पीछे हटाने पर जोर दिया। वार्ता का मुख्य फोकस हाट स्पि्रंग (पेट्रोलिंग प्वाइंट-15) क्षेत्र में सेनाओं को पीछे हटाने की रुकी हुई प्रक्रिया को पूरा करने पर था। वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के नवनियुक्त कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने किया।

बता दें कि 14वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता 12 जनवरी को हुई थी, लेकिन उसमें गतिरोध के बाकी स्थलों के समाधान की दिशा में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई थी। वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया था, 'दोनों पक्षों ने करीबी संपर्क बनाए रखने और सैन्य व राजनयिक माध्यमों से वार्ता कायम रखने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही बाकी मुद्दों का जल्द से जल्द परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाशने पर भी रजामंदी व्यक्त की।'