व्‍यवस्‍था अच्‍छी, किराया कम, फिर भी अलीगढ़ की सड़कों पर खाली दौड़ रही हैं इलेक्‍ट्रिक बसें

 

प्रचार प्रसार के अभाव में खाली दौड़ रहीं इलेक्‍ट्रिक बसें।

अलीगढ़ की सड़कों पर इलेक्‍ट्रिक बसें दौड़ रही हैं लेकिन सवारियों का अभाव है जबकि टेंपो व टिर्री में सवारियां भरी रहती हैं। चालक परिचालक भी सवारियों को भरने के लिए आवाज नहीं लगाते। फिलहाल लोगों को अभी ज्‍यादा जानकारी भी नहीं है।

अलीगढ़, संवाददाता। महानगर में इलेक्ट्रिक बसें खाली दौड़ रही हैं। बसें स्टाप पर रुकती तो हैं, मगर सवारियां उनपर नहीं चढ़ती हैं। ऐसे में बस खाली निकल जाती हैं। बसों के परिचालक सवारियों को बिठाने के लिए आवाज तक नहीं लगाते हैं। जिससे संबंधित रूट पर जाने वाली सवारियां भी नहीं बैठ पाती हैं। यदि ऐसे ही खाली बसें दौड़ती रहीं तो चालक और परिचालकों का वेतन तक निकालना मुश्किल हो जाएगा।

वर्कशाप में मिल रही खामियां

महानगर में इलेक्ट्रिक बसें जब से आई हैं, तब से पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। दो महीने के भीतर सारसौल स्थित वर्कशाप में व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। कमिश्नर गौरव दयाल और नगर आयुक्त गौरांग राठी नाराजगी भी जता चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक वर्कशाप में तमाम खामियां हैं। त्योहार के बाद जहां आटो और ई रिक्शा में सवारियों की भरमार है। वहीं, इलेक्ट्रिक बसें खाली दौड़ रही हैं। बस में आठ-दस सवारी ही दिखाई देती हैं। बुधवार को हरदुआगंज से महरावल रूट पर चलने वाली बसें कई स्टाप पर खाली दिखाई दीं। क्वार्सी चौराहे के पास शाम को चार बजे के करीब बस खाली थी। बमुश्किल दो-चार सवारी ही थी। तालानगरी तक इस बस में सवारी नहीं दिखी। खेरेश्वरधाम से लेकर बौनेर रूट तक की बस में भी सवारियां कम दिख रही हैं। वहीं, आटो और ई रिक्शा में सवारियों की भरमार है। यहां तक इलेक्ट्रिक बसों पर गांधीपार्क बस अड्डा और अचलताल आदि पर भी सवारी नहीं बैठ पाती हैं।

अभी तमाम लोग हैं अनजान

दरअसल, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से अभी तमाम सवारियां अनजान हैं। शहर में बड़ी संख्या में रोजमर्रा के कामकाज के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भी लोग आते हैं। उन्हें अभी इलेक्ट्रिक बस के बारे में जानकारी नहीं है। उन्हें बस के स्टापेज के बारे में भी जानकारी नहीं है। किराया आदि कैसे दिया जाएगा यह भी नहीं जानते हैं, जिससे लोग बैठने में हिचकिचाते हैं। परिचालक भी सवारियों को आवाज लगाते हुए नहीं दिखाई देते हैं। इससे बसें खाली दौड़ रही हैं।

अन्य रुटों पर नहीं चल सकीं बसें

अभी सिर्फ दो रूटों पर ही इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। शेष तीन रूटों पर व्यवस्था नहीं हो पाई है। चार्जिंग स्टेशन आदि समय से तैयार न हो पाने के चलते सभी रूटों पर बसें नहीं चल पा रही हैं। जबकि प्रत्येक रूटों पर तय था कि 15-15 मिनट बाद बसें मिलेंगी।

इनका कहना है

अब काफी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक बसों के बारे में जान गए हैं। वह बैठने भी लगे हैं। हो सकता है कि त्योहार के चलते बस खाली रही हो, वरना सवारियां चढ़ रही हैं। धीरे-धीरे सभी व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।

आरएम मोहम्मद परवेज खान