पाकिस्तान को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की दो-टूक, कहा- बंदूकें शांत हों तभी हो सकती है बातचीत

 


जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी हो सकती है जब बंदूकें शांत हों।

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि पाकिस्‍तान से बातचीत तभी होगी जब आतंकियों की घुसपैठ बंद हो बंदूकें शांत हों और गोलियों की आवाज न सुनाई दे। उन्‍होंने विपक्ष पर भी करारा हमला बोला...

नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को साफ किया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी हो सकती है जब बंदूकें शांत हों और गोलियों की आवाज न सुनाई दे। यहां एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान से बातचीत की मांग करने के लिए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधा। 

महबूबा मुफ्ती ने दिया था यह बयान

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा था कि भाजपा नीत केंद्र सरकार पाकिस्तान से बातचीत करे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार अपने देश के लोगों से बात करे कि विदेशी लोगों से।

राउत ने भी महबूबा पर की टिप्पणी

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा था कि जब तक कश्मीर का मुद्दा हल नहीं होता, शांति नहीं आ सकती। इसलिए जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के लोगों से बातचीत होनी चाहिए। महबूबा के इस बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि पीडीपी प्रमुख इस प्रकार की टिप्पणी कर सकती हैं क्योंकि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में उनके दल के साथ सरकार बनाकर उनके जैसे लोगों को ताकत प्रदान की है।

पाकिस्तान के प्रति नरम रवैये पर तंज

राउत ने महबूबा पर तंज भी कसा कि वह एक समय भाजपा की मित्र थीं और दोनों ने मिलकर सरकार बनाई थी। पीडीपी पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया रखती है और आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति। महबूबा मुफ्ती ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु का समर्थन किया था।

विस्थापन के पीछे छिपा था नेकां और कांग्रेस का स्वार्थ

हमारे जम्मू राज्य ब्यूरो के अनुसार, डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर से हिंदुओं के विस्थापन के पीछे नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस की स्वार्थी राजनीति थी। विस्थापन के पीछे इन राजनीतिक दलों की एक विशेष समुदाय को खुश कर लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की राजनीति रही।

सच पर पर्दा डालने की हो रही कोशिशें

जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेकां-कांग्रेस सच पर पर्दा डालने के लिए झूठ फैला रही हैं कि कश्मीरी हिंदुओं का विस्थापन उस समय के राज्यपाल जगमोहन ने करवाया था। विस्थापन के बाद कश्मीरी हिंदुओं को जम्मू में गीता भवन, मिश्रीवाला व नगरोटा के कैंपो में रहने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जम्मू में युवा डाक्टर के रूप में मुझे कई कश्मीरी हिंदुओं का इलाज करने का मौका मिला।