चौथी लहर के साथ फिर लौट सकता है कोरोना... स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने दी सख्‍त चेतावनी

 

Covid Variants, Omicron, BA.2: ओमिक्रॉन बीए.2 कोरोना वायरस की चौथी लहर को लेकर WHO ने सख्‍त चेतावनी जारी की है।

Covid Variants Omicron BA.2 ओमिक्रॉन बीए.2 वैरिएंट वाले कोरोना वायरस की चौथी लहर को लेकर WHO ने सख्‍त चेतावनी जारी की है। खासकर भारत समेत एशिया के दूसरे देशों को कोविड 19 से अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

रांची, Omicron, BA.2: ओमिक्रॉन बीए.2 वैरिएंट वाले कोरोना वायरस की चौथी लहर को लेकर WHO ने सख्‍त चेतावनी जारी की है। चीन और दक्षिण कोरिया सहित कई एशियाई और यूरोपीय देशों में कोविड-19 मामलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है, जिसने भारत में भी संभावित चौथी लहर के बारे में चेतावनी दी है। दुनियाभर में इन नए मामलों को 'स्टील्थ ओमिक्रॉन' नाम दिया गया है, जो कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक सब वेरिएंट है।

स्टील्थ ओमिक्रॉन, बीए.2 क्‍या है...

स्टील्थ ओमिक्रॉन अत्यधिक तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट का सब वैरिएंट है, जो भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर के पीछे था। इस वैरिएंट को वैज्ञानिकों ने BA.2 Omicron नाम दिया है। स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट (एसएसआई) द्वारा कहा गया है कि स्टील्थ ओमिक्रॉन अपने पूर्ववर्ती वेरिएंट की तुलना में 1.5 गुना अधिक संक्रामक हो सकता है।

स्टील्थ ओमिक्रॉन का पता लगाना मुश्किल

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस का स्टील्थ ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान कठिन है। इसका कारण यह है कि नया संस्करण स्पाइक प्रोटीन में महत्वपूर्ण उत्परिवर्तन करता है। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का Stealth Omicron BA.1 और BA.2 नामक दो सब वैरिएंट हैं।

स्टील्थ ओमिक्रॉन, ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक गंभीर है, इस बात की पुष्टि अबतक स्‍पष्‍ट तौर पर नहीं की गई है। इस बीच, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन, डब्ल्यूएचओ का सुझाव है कि ओमिक्रॉन अधिक तेजी से फैलने वाला वायरस है। दुनिया के देशों को पहले से अधिक सतर्क रहना होगा।

सांस की नली को अधिक खतरा

दुनियाभर में किए गए अध्ययनों के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण BA.1 (ओमिक्रॉन) के बाद BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) के साथ पुन: तेजी से वापस लौट रहा है। BA.2 मुख्‍य तौर पर मानव शरीर के ऊपरी हिस्‍से, खासकर सांस की नली को अधिक प्रभावित करता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, BA.2 ( स्‍टील्‍थ ओमिक्रॉन) वेरिएंट मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। डेल्टा वेरिएंट की तरह BA.2 वेरिएंट फेफड़ों को प्रभावित नहीं करता है। इस वेरिएंट से संक्रमित रोगियों को सांस की तकलीफ, गंध और स्वाद जाने का अनुभव नहीं होता।