मनीष सिसोदिया बोले- अमित शाह को पता है कि दिल्ली की जनता निगम चुनाव में उनकी बात नहीं सुनेगी, पढ़िए और क्या कहा?

 

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने निगम चुनाव को लेकर बयान जारी किया है।

भाजपा को यह याद रखना चाहिए कि 2011-12 से पहले भाजपा के शासन में नगर पालिका एक ही इकाई थी तब भी कूड़ा और प्रदूषण हुआ करता था। आप 3 नगर पालिकाओं के साथ भी देखेंगे भाजपा बदलाव नहीं कर पाएगी यह केवल भ्रष्टाचार कर सकती है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बार फिर निगम चुनाव को लेकर बयान जारी किया है। भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को यह याद रखना चाहिए कि 2011-12 से पहले, भाजपा के शासन में नगर पालिका एक ही इकाई थी, तब भी कूड़ा और प्रदूषण हुआ करता था। आप 3 नगर पालिकाओं के साथ भी देखेंगे, भाजपा बदलाव नहीं कर पाएगी, यह केवल भ्रष्टाचार कर सकती है।

उन्होंने कहा कि यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अच्छी तरह से जानते हैं कि वर्तमान में वे सिर्फ चुनाव से भाग रहे हैं और इस तरह का बिल भी ले आए हैं। दिल्ली की जनता ने भाजपा को ठीक से देखा है। अमित शाह जी को पता है कि दिल्ली की जनता नगर निगम चुनाव में उनकी बात नहीं सुनेगी, इसी वजह से निगम चुनाव को लेकर इस तरह के काम किए जा रहे हैं।

बता दें कि राज्य चुनाव आयोग ने तीनों नगर निगमों के चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। 272 वार्डों के लिए 72 निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए थे। इन निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों में चुनाव से संबंधित कार्य के लिए विभिन्न विभागों से करीब ढ़ाई हजार कर्मचारी बुलाए गए थे। नौ मार्च को चुनाव की घोषणा होने वाली थी। उसी दिन उपराज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार का संदेश मिलने पर चुनाव की घोषणा टाल दी गई थी।

तब आयोग ने कहा था कि वर्तमान तीनों नगर निगमों का कार्यकाल 18 मई तक है। इसलिए उससे पहले चुनाव होना जरूरी है। इसके लिए 18 अप्रैल तक चुनाव की तारीखों की घोषणा होना जरूरी है, लेकिन निगमों के एक होने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब चुनाव लंबे समय तक टलने की आशंका जताई जाने लगी है।

दिल्ली तीनों नगर निगमों (उत्तरी, पूर्वी और दिल्ली नगर निगम) को एक करने के लिए संसद में विधेयक पेश किए जाने के बाद माना जा रहा है कि निगम चुनाव अब लंबे समय के लिए टल सकता है। ऐसे में दिल्ली के राज्य चुनाव आयोग ने भी निगम चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों को फिलहाल रोक दिया है। इसी क्रम में निर्वाचन कार्यालयों में चुनाव ड्यूटी के लिए विभिन्न विभागों से बुलाए गए सभी कर्मचारियों को वापस अपने विभाग में भेज दिया गया है। इस बाबत राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को सभी निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों को आदेश जारी कर दिया है।