एसवाईएल पर फिर तकरार, मनोहरलाल ने मांगा हक तो सुखबीर ने भगवंत मान की चुप्पी पर उठाए सवाल



हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल और पंजाब सीएम भगवंत मान। (फाइल फोटो)

SYL Issue पंजाब और हरियाणा के बीच एसवाईएल नहर मामले पर विवाद फिर शुरू हो सकता है। हरियाणा के सीएम मनोहरलाल ने एसवाईएल पर अपने राज्‍य का हक मांगा है। इसके बाद शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने भगवंत मान की चुप्‍पी पर सवाल यठाया है।

चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण पर राजनीति तेज हो गई है। हरियाणा राजभवन में होली खेलने पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से एसवाईएल का पानी मांगकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस विवाद को हवा दी है। मनोहर लाल ने कहा है कि उन्हें हरियाणा के हिस्से का पानी चाहिए, जो दिल्ली भी जाता है। मनोहर लाल के इस बयान के बाद पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने भगवंत मान से जवाब मांगा है। बादल ने कहा कि एसवाईएल पर भगवंत मान की चुप्पी चिंताजनक है।

 

एसवाईएल नहर के मसले पर फिर बढ़ी हरियाणा और पंजाब की तकरार

एसवाईएल नहर पर हरियाणा और पंजाब के बीच चार दशक से राजनीति हो रही है। भाजपा सरकार के राज में हरियाणा को यह सफलता जरूर मिली कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले में जल्द सुनवाई करते हुए हरियाणा के हक में फैसला सुनाया है। अब पंजाब को एसवाईएल नहर का निर्माण करना है, ताकि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी मिल सके।

 आम आदमी पार्टी ने अभी इस मसले पर नहीं खोले पत्ते

पिछली कांग्रेस सरकार के चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद न तो एसवाईएल नहर का निर्माण किया गया और न ही हरियाणा को पानी मिल सका। नहर निर्माण और पानी के लिए केंद्र सरकार को दोनों राज्यों के इस विवाद में हस्तक्षेप करना पड़ेगा। हरियाणा किसी भी समय सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नहर निर्माण के लिए किसी एजेंसी को अधिकृत करने की मांग कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू कराने के लिए हरियाणा कर रहा तैयारी

एसवाईएल नहर निर्माण के विवाद को उस समय हवा मिली, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें अपने हिस्से का पानी चाहिए। मनोहर लाल ने कहा था कि पंजाब की नई सरकार की अब दोहरी जवाबदेही है, क्योंकि हमने पंजाब से पानी लेना है और दिल्ली को पानी देना है। ऐसे में एसवाईएल के लिए पानी के लिए भगवंत मान की जवाबदेही ज्यादा है, क्योंकि अब दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी की सरकार है।

मनोहर लाल की इस मांग पर पंजाब के नव नियुक्त मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की, लेकिन शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने एक ट्वीट के जरिये भगवंत मान को सलाह दी है कि वह हरियाणा को जवाब दें।

सुखबीर बादल ने कहा हरियाणा को करारा जवाब दें भगवंत मान

सुखबीर बादल ने अपने ट्वीट में कहा, मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहता हूं कि वह हरियाणा के सीएम के समक्ष मजबूती से यह जवाब दें कि वह एसवाईएल निर्माण की बात और पंजाब का पानी हरियाणा व दिल्ली को देने की बात न कहें। दिल्ली सरकार भी मुद्दे पर चुप रहे और भगवंत मान भी चुप्पी साध लें, यह चिंताजनक है।

बता दें कि एसवाईएल नहर निर्माण के लिए इनेलो ने राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। इस मसले पर इनेलो द्वारा अकाली दल से अपने राजनीतिक रिश्ते तक खत्म कर लिए गए थे, लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के हक में आया तो अकाली दल और इनेलो के राजनीतिक रिश्ते बहाल हो गए थ

मनोहर लाल की इस मांग पर पंजाब के नव नियुक्त मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की, लेकिन शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने एक ट्वीट के जरिये भगवंत मान को सलाह दी है कि वह हरियाणा को जवाब दें।

सुखबीर बादल ने कहा हरियाणा को करारा जवाब दें भगवंत मान

सुखबीर बादल ने अपने ट्वीट में कहा, मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहता हूं कि वह हरियाणा के सीएम के समक्ष मजबूती से यह जवाब दें कि वह एसवाईएल निर्माण की बात और पंजाब का पानी हरियाणा व दिल्ली को देने की बात न कहें। दिल्ली सरकार भी मुद्दे पर चुप रहे और भगवंत मान भी चुप्पी साध लें, यह चिंताजनक है।

बता दें कि एसवाईएल नहर निर्माण के लिए इनेलो ने राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। इस मसले पर इनेलो द्वारा अकाली दल से अपने राजनीतिक रिश्ते तक खत्म कर लिए गए थे, लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के हक में आया तो अकाली दल और इनेलो के राजनीतिक रिश्ते बहाल हो गए थे।