चार दिनों में दाखिल नहीं किया आइटीआर तो तैयार रहें इस नुकसान के लिए, जानिए एक्सपर्ट की राय

 

र्ष 2021-22 समापन से पहले आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

31 मार्च के बाद रिटर्न दाखिल करना संभव नहीं होगा। धारा 80 सी व 80 डी की छूट प्राप्त करने के लिए 31 मार्च से पूर्व निर्धारित योजनाओं में इन्वेस्टमेंट जरूरी है अन्यथा टैक्स का भुगतान अधिक करना पड़ेगा।

आगरा। वित्तीय वर्ष समापन में मात्र चार दिन शेष बचे हैं। पेनल्टी से बचने के लिए करदाताओं काे 31 मार्च तक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य होगा। इनकम टैक्स ट्रेड टैक्स बार एसोसिएशन के डायरेक्टर कुलदीप मित्तल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 समापन से पहले आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। 31 मार्च के बाद रिटर्न दाखिल करना संभव नहीं होगा।

आयकर विभाग द्वारा सूचनाओं के आधार पर ऐसे करदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे करदाताओं का लोन व बैंक लिमिट नहीं हो सकेगी, क्योंकि लोन के लिए आयकर रिटर्न अनिवार्य दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि पैन कार्ड से आधार लिंक होना अनिवार्य है। यदि 31 मार्च तक लिंक नही हुआ तो पैनकार्ड अमान्य हो जाएगा। अगले वर्ष से आयकर रिटर्न फाइल नहीं होगा तथा पेनकार्ड भी दूसरी जगह प्रयोग नहीं कर सकेंगे। धारा 80सी व 80डी की छूट प्राप्त करने के लिए 31 मार्च से पूर्व निर्धारित योजनाओं में इन्वेस्टमेंट जरूरी है अन्यथा टैक्स का भुगतान अधिक करना पड़ेगा।आयकर अधिनियम की धारा 139 (1) के तहत तय समय तक आयकर नहीं भरने पर धारा 234ए के तहत जुर्माना लगता है। बिलेटेड आइटीआर 31 मार्च, 2022 तक पांच हजार रुपये जुर्माने के साथ भर सकते हैं। अगर आपकी कुल आय पांच लाख रुपये या इससे कम है तो उसे एक हजार रुपए ही जुर्माना देना होगा। वार्ष‍िक आय ढाई लाख से कम होने पर बिना जुर्माना रिटर्न भर सकते हैं।

समय पर र‍िटर्न दाखिल करना इसलिए जरूरी

- टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए

- खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए जरूरी

- ज्यादा बीमा कवर के लिए बीमा कंपनियां मांगती हैं आइटीआर

- इनकम का रहता है प्रूफ

- बैंक लोन मिलने में आसानी

- वीजा के लिए जरूरी

वरना नहीं मिलेगी टैक्स में छूट

देरी से आइटीआर भरने से कई तरह की इनकम टैक्‍स छूट भी नहीं मिलती हैं। इससे आयकर कानून की धारा-10ए व धारा-10बी के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिलती हैं। धारा-80आइए, 80आइएबी , 80आइसी, 80आइडी व 80आइई के तहत मिलने वाली छूट भी आपको नहीं मिलेंगी। देरी से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने के कारण करदाता को आयकर कानून की धारा-80आइएसी, 80आइबीए, 80जेजेए, 80जेजेएए, 80एलए, 80पी, 80पीए, 80क्‍यूक्‍यूबी व 80आरआरबी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलेगा।