रानीश अपनी यूक्रेनियन पत्नी और दो महीने के बच्चे को लेकर सूमी से लौटे स्वदेश, जताई खुशी

 

यूक्रेन के सूमी शहर से रानीश अपनी उक्रेनियन पत्नी और बच्चे के साथ लौटे कोच्चि

Operation Ganga भारत सरकार ने युद्धग्रस्त देश यूक्रेन से फंसे भारतीयों को निकालने के लिए आपरेशन गंगा अभियान चलाया है। यूक्रेन में अब कुछ ही भारतीय लोग बचे हैं इन्हें भी जल्द ही निकाला जा रहा है।

कोच्चि, एएनआइ। आपरेशन गंगा के तहत भारत सरकार यूक्रेन में फंसे लोगों को स्वदेश ला रही है। युद्धग्रस्त देश के सूमी शहर में फंसे एक भारतीय और उनकी यूक्रेनियन पत्नी हाल ही में स्वदेश यानी केरल पहुंचे हैं। यूक्रेनी पत्नी विक्टोरिया और अपने दो महीने के बच्चे जोसेफ राफेल के साथ केरल के रहने वाले रानीश जोसेफ यूक्रेन के सूमी शहर से कोच्चि लौटे हैं।

वह पिछले कुछ दिनों से सुमी में मलयाली छात्रों के साथ निकासी के लिए समन्वय करने के कारण काफी सुर्खियों में थे। सूमी से उनकी यूक्रेनी पत्नी विक्टोरिया पहली बार केरल आई हैं। रानीश यूक्रेन में स्टूडेंट कोआर्डिनेटर के तौर पर काम करते थे। इनकी शादी 2019 में हुई थी।

रानीश समेत 180 लोग दिल्ली से कोच्चि पहुंचे

उनके साथ शुक्रवार रात को इस चार्टर्ड फ्लाइट से कुल 180 लोग दिल्ली से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे हैं। रानीश जोसेफ ने कहा कि मैं अब बहुत खुश हूं। 14 दिनों तक हम सूमी में एक परिवार के रूप में साथ रहे। सभी ने खूब मदद की है। चार दिन बिना आराम के यात्रा करके वह यहां पहुंचे हैं। परिवार को देखकर बहुत खुशी हुई है। उन्होंने बताया कि हमने पहले बस से, फिर ट्रेन से और फिर फ्लाइट से यात्रा की है। जो हमारे साथ थे उनमें से कई ने बच्चे की देखभाल करने में मदद की। अब हमें आराम करने की जरूरत है।

वहीं, उनकी पत्नी विक्टोरिया ने कहा कि सूमी में बहुत सारी समस्याएं थीं। लेकिन अब मैं सभी को देखकर बहुत खुश हूं। यह केरल की मेरी पहली यात्रा है।

आपरेशन गंगा की विदेश मंत्री ने की तारीफ

बता दें कि युद्धग्रस्त यूक्रेन के पूर्वोत्तर शहर सूमी में फंसे 674 लोगों को शुक्रवार को सुरक्षित स्वदेश लाया गया। इनमें ज्यादातर छात्र हैं। इन छात्रों ने रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तां बयां की कि कैसे उन लोगों ने आसमान से बरसते गोलों के बीच दो हफ्ते तक भय और दहशत के साथ गुजारे। विदेश मंत्री जयशंकर ने आपरेशन गंगा की सराहना की है।