अहिंसा यात्रा से शहर और संस्कृति को देखने का मौका और दुनिया को मिली एक नई दिशा : ओम बिरला

 

यात्रा नौ नवंबर 2014 को दिल्ली के लाल किले से शुरू हुई थी।

तालकटोरा स्टेडियम में रविवार को तीन देश 20 राज्य व 18 हजार से अधिक किलोमीटर की पद यात्रा कर आचार्य महाश्रमण की यात्रा स्टेडियम में पहुंची तो हजारों की संख्या में लोग देखने के लिए पहुंचे। उनके दर्शन कर लोगों ने आर्शीवाद लिया।

नई दिल्ली। दिल्ली के तालकटारा स्टेडियम में अहिंसा यात्रा संपन्नता समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंचे। उन्होंने कहा कि पद यात्रा के माध्यम से गांव, शहर और संस्कृति देखने का मौका मिलता है। अहिंसा का संदेश सबसे महत्वपूर्ण है। इन्होंने दुनिया को नई दिशा दी है। इससे व्यापक चेतना जन-जन में आई है। नशा मुक्ति का संकल्प लिया है। जैन धर्म नहीं बल्कि एक विचार है।

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यह आजादी का अमृत महोत्सव है व संकल्प लेने का वर्ष है। दरअसल, अहिंसा यात्रा संपन्नता समारोह का आयोजन चल रहा है। इसमें तीन देश, 20 राज्य व 18 हजार से अधिक किलोमीटर की पद यात्रा कर आचार्य महाश्रमण की यात्रा स्टेडियम में पहुंची तो हजारों की संख्या में लोग देखने के लिए पहुंचे। वहीं, रविवार को कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जैन धर्म में ही अहिंसा का रास्ता दिखता है। पूरे विश्व में हिंसा सुनने व देखने को मिलती है ऐसे में अहिंसा यात्रा करना महत्वपूर्ण है। जो दूसरों को बचाता है वह वीर है। यह यात्रा नौ नवंबर 2014 को दिल्ली के लाल किले से शुरू हुई थी, जो विभिन्न देशों व राज्यों का भ्रमण कर वापस पहुंची है।

आचार्य महाश्रमण ने कहा कि अहिंसा एक जीवन की नीति है। शास्त्र में कहा गया है कि किसी भी प्राणी की हिंसा नहीं होनी चाहिए। अहिंसा ऐसा तत्व है जो जीवन में शांति प्रदान करता है। सबके प्रति सच्ची भावना रखना। नशा मुक्त रहना।