यूक्रेन को हथियार दे रूस से युद्ध का खतरा पैदा कर रहे नाटो देश, बड़ी तादाद में जारी है आपूर्ति

 

यूक्रेन को हथियार दे रूस से युद्ध का खतरा पैदा कर रहे नाटो देश (फाइल फोटो)

रूसी हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए नीदरलैंड्स यूक्रेन को राकेट लांचर दे रहा है। एस्टोनियाई एंटी टैंक मिसाइल जैवलिन भेज रहे हैं। पोलिश व लातवियाई सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल की आपूर्ति कर रहे हैं।

ब्रसेल्स, एजेंसियां: रूसी हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए नीदरलैंड्स, यूक्रेन को राकेट लांचर दे रहा है। एस्टोनियाई एंटी टैंक मिसाइल जैवलिन भेज रहे हैं। पोलिश व लातवियाई सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल की आपूर्ति कर रहे हैं। चेक भी पीछे नहीं है। वह भी मशीन गन, स्नाइपर राइफल, पिस्तौल व अन्य हथियार भेज रहा है। यहां तक कि औपचारिक रूप से तटस्थ स्वीडन व फिनलैंड भी हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं। लंबे समय से युद्धग्रस्त क्षेत्र में हथियार भेजने से परहेज करने वाला जर्मनी भी स्टिंगर्स जैसे राकेट लांचर भेज रहा है।

नाटो देश बढ़-चढ़कर कर रहे यूक्रेन की मदद

यूक्रेन की रूस के खिलाफ जंग में कुल मिलाकर, 20 देश हथियारों से मदद कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) या यूरोपी संघ के सदस्य हैं। इस बीच नाटो सैन्य उपकरणों के साथ-साथ 22 हजार से ज्यादा सैनिकों को रूस व बेलारूस के सीमावर्ती सदस्य देशों में उतारा है, ताकि उनकी किलेबंदी की जा सके। रूस पर यूक्रेन के हमले ने यूरोपीय संघ के देशों को करीब ला दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके लिए भी खतरा बन सकते हैं।

बड़ी तादाद में यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन ने यूरोपीय संसद में मंगलवार को कहा था, 'पिछले छह दिनों में यूरोप की सुरक्षा व प्रतिरक्षा में इतना इजाफा किया गया है, जितना पिछले दो दशकों में नहीं हुआ।' ब्रसेल्स, यूक्रेन को हथियार और धन देने के प्रयासों का यूरोपीयकरण कर रहा है, ताकि इस क्षेत्र का दबदबा कायम रहे। लेकिन, यूरोपीय हथियार क्या यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में समय पर पहुंच पाएंगे? अभी यह निश्चित नहीं है। ऐसे में ब्रसेल्स द्वारा किया जा रहा यह रणनीतिक प्रयास युद्ध के खतरों को विस्तार दे सकता है। पुतिन की तरफ से भी प्रतिक्रिया की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। वह कई बार कह भी चुके हैं कि नाटो यूक्रेन की मदद के जरिये रूस को खत्म करना चाहता है। परमाणु हथियारों को अलर्ट मोड पर रखने का आदेश देकर वह अमेरिका व यूरोपीय संघ को चेतावनी देना चाहते हैं कि अगर उन्होंने युद्ध में दखल दिया तो अंजाम घातक होगा।

युद्ध से सभी देशों को नुकसान

नाटो सचिव जेंस स्टोलटेनबर्ग भी कह चुके हैं कि रूस की तरफ से छेड़ा गया युद्ध सभी सदस्य देशों को नुकसान पहुंचा रहा है। रक्षा अनुसंधान संस्थान रायल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के उप निदेशक मैल्कम चा‌र्म्स कहते हैं, 'रूस को सबक सिखाने के लिए यूक्रेन का समर्थन करना अच्छा है, लेकिन पुतिन की प्रतिक्रिया भी उम्मीद से परे होगी।'

स्पेन आज भेजेगा ग्रेनेड लांचर व मशीन गन की खेप

रायटर के अनुसार, स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने स्थनीय समयानुसार बुधवार की देर रात कहा कि ग्रेनेड लांचर व मशीन गन समेत अन्य हथियारों की खेप शुक्रवार को यूक्रेन के लिए रवाना होगी। स्पेन से दो विमानों के जरिये भेजी जाने वाली इस खेप में 1,370 एंटी टैंक ग्रेनेड लांचर, हल्की मशीन गन तथा सात लाख राउंड राइफल व मशीन गन की गोलियां शामिल हैं। ये विमान यूक्रेन की सीमा से सटे पोलैंड में उतरेंगे।