बिजली से चलने वाले उपकरण बंद कर मनाया जाएगा अर्थ आवर, तारीख व बिजली बचत के लिए पढ़ें पूरी खबर

 

190 देशों के लोग इसमें शामिल होते हैं।

जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते वर्ल्ड वाइड फंड फार नेचर द्वारा 16 वर्ष पहले अर्थ आवर की शुरुआत की गई थी। लोग एक घंटे तक अपने घरों व कार्य स्थलों की गैरजरूरी लाइटें व बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रखते हैं।

नई दिल्ली राज्य ब्यूरो। धरती को बचाने का संदेश देने के लिए प्रत्येक वर्ष मार्च के अंतिम शनिवार को अर्थ आवर मनाया जाता है। रात साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक लोग अपने घरों व कार्य स्थलों की लाइटें व बिजली उपकरण बंद रखते हैं। पिछले वर्ष दिल्लीवासियों ने 334 मेगावाट बिजली की बचत की थी। इस बार 26 मार्च को अर्थ आवर मनाया जाएगा जिसे सफल बनाने के लिए बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) जागरूकता अभियान चला रही हैं।

दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनियां बांबे सब अर्बन इलेक्ट्रिक सप्लाई (बीएसईएस) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) उपभोक्ताओं से अर्थ आवर को सफल बनाने की अपील कर रही हैं। उपभोक्ताओं को इससे संबंधित एसएमएस और ईमेल भेजकर और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट शेयर करके लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पिछले वर्ष अर्थ आवर पर दिल्लीवासियों ने अबतक सबसे ज्यादा बिजली की बचत की थी।

डिस्काम अधिकारियों ने बताया कि जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते वर्ल्ड वाइड फंड फार नेचर द्वारा 16 वर्ष पहले अर्थ आवर की शुरुआत की गई थी। 190 देशों के लोग इसमें शामिल होते हैं। लोग एक घंटे तक अपने घरों व कार्य स्थलों की गैरजरूरी लाइटें व बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रखते हैं। इसके माध्यम से लोगों को बिजली बचत से पर्यावरण संरक्षण करने का संदेश दिया जाता है।

पिछले दस वर्षों में अर्थ आवर के दौरान दिल्लीवासियों द्वारा बचाई गई बिजलीः-

  • वर्ष – बचाई गई बिजली (मेगावाट)
  • 2021-334
  • 2020-79
  • 2019-279
  • 2018-305
  • 2017-290
  • 2016-230
  • 2015-200
  • 2014-250
  • 2013-250
  • 2012-240