मायावती का बड़ा दांव, शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली की बसपा में वापसी करा आजमगढ़ से उपचुनाव में उतारा

 

गुड्डू जमाली बसपा में लौटे, आजमगढ़ से लड़ेंगे उपचुनाव।

बदले राजनीतिक घटनाक्रम में गुड्डू जमाली रविवार को फिर से बसपा में शामिल हो गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें आजमगढ़ उपचुनाव में पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ संसदीय सीट से त्यागपत्र दे दिया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ जिले की मुबारकपुर सीट से आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) से चुनाव लड़े शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली फिर से हाथी पर सवार हो गए हैं। उन्होंने रविवार को लखनऊ स्थित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुख्यालय में संगठन की सदस्यता ग्रहण की है। बसपा ने उनको लोकसभा उपचुनाव के लिए आजमगढ़ से प्रत्याशी बनाया है। ये सीट समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले बसपा विधानमंडल दल के नेता रहे शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने सपा का दामन थाम लिया था। उन्हें सपा ने चुनाव में टिकट नहीं दिया तो एआइएमआइएम में शामिल हुए और चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं सके।

चुनाव परिणाम आने के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ संसदीय सीट से त्यागपत्र दे दिया है। बदले राजनीतिक घटनाक्रम में गुड्डू जमाली रविवार को फिर से बसपा में शामिल हो गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें आजमगढ़ उपचुनाव में पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया है।

एआइएमआइएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी चुनाव में 100 से ज्यादा प्रत्याशी उतारे थे। चुनाव परिणाम में सिर्फ गुड्डू जमाली ही अपनी जमानत बचा पाए थे। वह चौथे नंबर पर रहे थे और उन्हें 36419 वोट मिले।0 इस सीट से सपा जीती थी। बसपा दूसरे और भाजपा तीसरे नंबर पर थी।

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को प्रदेश कार्यालय पर पार्टी संगठन की बैठक में सेक्टर प्रभारी, जिलाध्यक्ष, विधानसभा चुनाव के सभी प्रत्याशी, बामसेफ व भाईचारा कमेटी के संयोजकों की मौजूदगी में कई अहम निर्णय लिए हैं। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से असहज बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की सभी इकाईयां भंग कर दी हैं।उन्होंने पार्टी संगठन में प्रदेश स्तर पर तीन प्रभारी बनाए जाने की भी घोषणा की है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को बरकरार रखा है। इसके अलावा आकाश आनंद राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर बने रहेंगे उनके साथ राम जी गौतम को भी लगाया गया है।उन्होंने बाबू मुनकाद अली, राजकुमार गौतम और विजय प्रताप को प्रदेश प्रभारी बनाया है। मुनकाद अली पहले प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर बने रहेंगे और प्रदेश में भी सक्रिय रहकर निर्णयों में दखल देंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बसपा की भाईचारा कमेटी सहित सभी इकाइयों को भंग कर दिया है। यह जरूर है कि प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर पद पर बने रहेंगे। उन्होंने मंडल स्तर पर लागू सेक्टर प्रभारियों की व्यवस्था भी खत्म करने का ऐलान किया है। इसके बजाए अब पार्टी में जोनल व्यवस्था लागू की गई है।

प्रदेश को छह जोन में बांटा गया है और हर जोन में तीन मंडल होंगे। बैठक में मायावती ने चुनाव की समीक्षा की और कहा कि सभी कार्यकर्ता आगे की तैयारियों में मजबूती से जुट जाएं। संगठन में काम करने वालों को आगे ही बढ़ाया जाएगा साथ ही निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को सचेत किया।

बता दें कि विधानसभा चुनाव में बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है, क्योंकि उसके वोटबैंक का एक बड़ा हिस्सा भाजपा और अन्य पार्टियों में शिफ्ट हो चुका है। हार की समीक्षा करने के लिए हारे हुए 402 प्रत्याशियों को भी बैठक में बुलाया गया। 2007 में प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद 2022 में पार्टी के सिर्फ एक सीट पर ही सीमित हो जाने से सभी हैरान हैं।