प्रस्तावित नई पर्यटन नीति को जल्द मिल सकती है मंजूरी, पहले चरण में सौ स्मार्ट टूरिस्ट प्लेस होंगे विकसित

 

ताज सहित 20 अति विशिष्ट पर्यटक स्थलों में जुटाई जाएगी विश्वस्तरीय सारी सुविधाएं

यह नीति पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से तैयार की गई है। इससे तहत इस नीति में कई ऐसे पहलुओं को शामिल करने का प्रस्ताव है जो अभी पर्यटन के लिहाज से अग्रणी दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में ही लागू है।

ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संकट के बाद पर्यटन गतिविधियों को रफ्तार देने में जुटी केंद्र सरकार अब जल्द ही प्रस्तावित नई पर्यटन नीति को भी मंजूरी दे सकती है। फिलहाल इससे जुड़ी तैयारी पूरी कर ली गई है। साथ सभी पक्षों से सुझाव भी ले लिए गए है। इस नीति के तहत देश में 20 अतिविशिष्ट पर्यटक स्थलों का विकास होगा। जहां देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं जुटाई जाएगी। इसके साथ ही पहले चरण में देश भर में करीब सौ स्मार्ट पर्यटक स्थलों को भी विकसित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से यह नीति करीब 20 सालों के बाद लायी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2002 में पर्यटन नीति लायी गई थी।

मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक नीति को अंतिम रूप देने का काम लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। खास बात यह नीति पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से तैयार की गई है। इससे तहत इस नीति में कई ऐसे पहलुओं को शामिल करने का प्रस्ताव है, जो अभी पर्यटन के लिहाज से अग्रणी दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में ही लागू है। इसमें बेहतर सुविधाओं को मुहैया कराने वालों कैटेगराइजेशन, रिटायरमेंट वीजा को मुहैया कराना आदि शामिल है।

राज्यों की ओर से मिले अहम सुझावों को किया गया शामिल

इस बीच पर्यटन मंत्रालय ने सभी राज्यों से भी सुझाव मांगे थे। जिनमें राज्यों की ओर से मिले अहम सुझावों को भी शामिल किया गया है। इस बीच पर्यटन क्षेत्र से जुड़े फेडरेशन आफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एफएचएंडआरए) ने भी मंत्रालय को अपने कुछ सुझाव दिए है। जिसमें वीजा नियमों में बदलाव, रिटायरमेंट वीजा शुरू करने सहित घरेलू पर्यटन के ढांचे को तेजी से विकसित करने जैसे सुझाव शामिल है। एसोसिएशन ने इसके साथ फूड फेस्टीवल आदि के आयोजन कराने का भी सुझाव दिया है।

वहीं, सेवा क्षेत्र के जीएसटी ढांचे को तर्कसंगत बनाने के साथ इस क्षेत्र के लिए सब्सिड़ी और प्रोत्साहन राशि जैसे पहलों को शुरू करने का भी सुझाव दिया है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारी के मुताबिक नीति को पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए और उदार बनाया जा रहा है। उन्हें प्रोफेशनल्स तरीक से इस क्षेत्र के तैयार किया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।