विजन और उद्देश्य के साथ करते हैं कारोबार, योग्य लीडर होते हैं सफल

 

मेहनत एवं प्रतिबद्धता से एक न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।

नाऊफ्लोट्स के सह-संस्थापक जसमिंदर सिंह गुलाटी कहते हैं कि ‘टूटा-फूटा ही सही लेकिन विजन जरूर बनाएं। कभी भी कोई फैसला करें तो उस पर बने रहें। नाकामी मिल सकती है लेकिन निराश न हों। आगे बढ़ते रहें। नई शुरुआत करें।

 हैदराबाद स्थित ‘नाऊफ्लोट्स’ एक ऐसा आनलाइन वेंचर है, जो छोटे एवं मझोले उद्यमियों के लिए अंग्रेजी के अलावा विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में वेबसाइट डेवलप करने में मदद करता है, ताकि कारोबारी अपनी आनलाइन उपस्थिति दर्ज करा सकें। उन्हें पहचान मिल सके। टीसीएस, माइक्रोसाफ्ट जैसी कंपनियों में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले कंपनी के सीईओ एवं सह-संस्थापक जसमिंदर सिंह गुलाटी तकनीक के माध्यम से समाज में प्रभावकारी बदलाव लाना चाहते हैं। इसी मकसद से उन्होंने वेंचर शुरू किया। कुछ समय पूर्व ही रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) ने कंपनी में दो करोड़ डालर का स्टेक लिया है। इससे पहले कंपनी में अलग-अलग निवेशकों द्वारा करीब एक करोड़ 74 लाख डालर का पूंजी निवेश हुआ है।

बाम्बे विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में स्नातक करने के बाद जसमिंदर पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल से इंटीग्रेटेड मार्केटिंग एवं मार्केटिंग कम्युनिकेशंस से ग्रेजुएशन करने चले गए। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में बतौर वेब डेवलपर करियर शुरू किया। उन्होंने 1997 में हैदराबाद स्थित माइक्रोसाफ्ट के आफिस को ज्वाइन किया। वहां तकरीबन 12 साल गुजारे। कई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने से नये अनुभव हुए। मार्केटिंग के साथ-साथ टेक्नोलाजी की दुनिया में हो रहे विविध प्रयोगों को जानने-समझने का मौका मिला। बताते हैं जसमिंदर, ‘मुझे कुछ अपना करने का मन था। कंपनी के ही दो साथियों से अपना कारोबार शुरू करने पर चर्चा की, जिसके बाद मई 2012 में ‘नाउफ्लोट्स’ की नींव पड़ी। यह एक ऐसा आनलाइन एवं आफलाइन डिस्कवरी प्लेटफार्म है, जिसकी मदद से छोटे व्यवसायी अपनी आनलाइन उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। हम उन्हें वेबसाइट बनाने में, उसके प्रमोशन, मार्केटिंग आदि में मदद करते हैं।’

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सर्वेक्षण नहीं, करते हैं सीधा संवाद: जसमिंदर के पास इंडस्ट्री का व्यापक अनुभव था। इससे बाजार में मौजूद कमियों को जानना-समझना उनके लिए आसान रहा। वह कहते हैं, मैं सर्वेक्षण करने में विश्वास नहीं करता। लोगों के साथ बैठकर सीधे उनसे फीडबैक लेता हूं। उसके मुताबिक ही अपने प्रोडक्ट में इनोवेशन लाने का प्रयास करता हूं। ऐसी ही एक बातचीत के क्रम में पता चला कि देश का खुदरा बाजार जितना विशाल है, उस लिहाज से छोटे उद्यमियों की आनलाइन पहचान नहीं मिल पाती। उनकी उपस्थिति महज फेसबुक पन्ने तक सीमित है। हमने ऐसे ही लोगों की पहचान कर उनके लिए वेबसाइट्स विकसित करने का फैसला लिया। आज छोटे-बड़े करीब एक लाख तीस हजार कारोबारी हमारे प्लेटफार्म से जुड़े हैं। दरअसल, भारत में डिस्ट्रिब्यूशन चैनल की गैर-मौजूदगी बड़ी चुनौती है। यहां हार्डवेयर तो आसानी से उपलब्ध है, लेकिन साफ्टवेयर नहीं। इंटरनेट कनेक्टिविटी, आधारभूत संरचना यानी इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या है सो अलग।

ग्राहकों की जरूरत का रखते हैं ध्यान: हर उद्यमी का पहला उद्देश्य अपने कारोबार को सफल करना होता है। लेकिन जसमिंदर सिर्फ बिजनेस करना नहीं, बल्कि उद्देश्य के साथ लक्ष्यों को हासिल करने में विश्वास करते हैं। तकनीक की मदद से समस्याओं का निपटारा करना चाहते हैं। वह बताते हैं, ‘मई 2015 में हमने ‘डिजिटल देश ड्राइव’ नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया था, जिससे कि लोगों की नब्ज को समझा जा सके। इस अभियान के तहत हमारे कंटेंट राइटर के साथ एक कैमरा क्रू ने देशभर के लोगों से सीधी मुलाकात की। उनसे जानने की कोशिश की कि वे किस तरह टेक्नोलाजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इंटरनेट एवं स्मार्टफोन से उनके जीवन में क्या और कैसे फर्क आए हैं? पहले चरण में पंजाब, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु जैसे राज्यों, जबकि दूसरे चरण में मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश का दौरा किया गया। इससे भविष्य की योजना बनाने में काफी मदद मिली।’

योग्य लीडर होते हैं सफल: जसमिंदर के अनुसार, उनके दो विजन हैं। पहला, छोटे उद्यमों को आनलाइन पहचान दिलाना। दूसरा, छोटे व्यवसाय को तकनीक की मदद से बड़ा बनाना। वह कहते हैं, हम सभी सह-संस्थापकों का मानना है कि 90 प्रतिशत स्टार्टअप्स की उम्र छोटी होती है। पुराने उद्यमी बड़ी समस्याओं का हल ज्यादा आसानी से निकाल पाते हैं। ऐसे में जो नये एंटरप्रेन्योर वक्त के साथ खुद को बदलते एवं इनोवेट करके चलते हैं, वही बाजार में टिक पाते हैं। इसके लिए लीडर का विजन स्पष्ट होना चाहिए। जैसे, इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने एक कार्यक्रम में कहा था, ‘वह लीडर कामयाब होता है जो योग्य, एकाग्र, प्रतिबद्ध एवं चरित्रवान हो।‘