रूस का लवीव में क्रूज मिसाइलों से भीषण हमला, जेलेंस्‍की ने पश्चिम से लगाई गुहार- हमें चाहिए टैंक, विमान और मिसाइलें

 



रूस ने लवीव में क्रूज मिसाइलों से यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। (File Photo)

रूस ने लवीव में क्रूज मिसाइलों से यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। रूस ने लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों से ईंधन डिपो और मेकेनिकल संयंत्र पर हमला किया। इन सुविधाओं का इस्तेमाल यूक्रेनी सेनाएं कर रही थीं।

कीव, एजेंसियां। यूक्रेन में रूस के हमलों में तेजी आई है। रूसी रक्षा मंत्रालय (Russian defence ministry) ने रविवार को कहा कि रूस ने पश्चिमी यूक्रेनी शहर लवीव में क्रूज मिसाइलों से सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। रूस ने लंबी दूरी की मिसाइलों से लवीव के पास एक ईंधन डिपो और एक मेकेनिकल संयंत्र पर हमला किया जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी बलों द्वारा किया जा रहा था। मेकेनिकल संयंत्र पर क्रूज मिसाइलें दागी गई। इस संयंत्र का इस्तेमाल विमान रोधी प्रणालियों, रडार स्टेशनों और टैंकों की मरम्मत के लिए किया जा रहा था। 

रूस की आक्रामक कार्रवाई जारी

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव (Igor Konashenkov) ने कहा कि रूसी बलों ने विशेष सैन्य अभियान के तहत आक्रामक कार्रवाई जारी रखी है। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने कीव के पास एस-300 मिसाइलों और बीयूके एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम के एक शस्त्रागार को नष्ट करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया। रूसी सेना ने इन हमलों में यूक्रेन के कई ड्रोन भी नष्ट किए हैं। मंत्रालय ने मिसाइल हमलों का वीडियो जारी किया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिम से मांगे हथियार

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी मुल्‍कों से और हथियार देने की गुहार लगाई है। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेनाओं का जवाब देने के लिए यूक्रेन को और टैंक, विमान और मिसाइलों की जरूरत है।

रूसी सेना ने 72 अस्पतालों को बनाया निशाना

डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक महीने भर से जारी यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना ने 72 अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी है। इन हमलों में कुल 71 लोग मारे गए और 37 घायल हुए।

400 से ज्यादा कंपनियों ने रूस में काम बंद किया

यूक्रेन युद्ध के चलते रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों पर अमल करते हुए 400 से ज्यादा विदेशी कंपनियों ने रूसी शहरों में अपना कामकाज बंद कर दिया है। यह जानकारी अमेरिकी साफ्टवेयर कंपनी एक्सटेरो के प्रमुख बाबी बालाचंद्रन ने दी है। बाबी की कंपनी ने भी रूस में अपना कामकाज बंद कर दिया ह

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