दिल्ली विश्वविद्यालय में फिर गरमाया केरल के छात्रों से जुड़ा मुद्दा, लगा भेदभाव का आरोप

 

केरल छात्रों ने लगाया भेदभाव का आरोप, प्रोफेसर ने नकारा

केरल बोर्ड से पढ़कर प्रतिष्ठित श्रीराम कालेज आफ कामर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं एक छात्रा ने प्रोफेसर पर धार्मिक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया। डीयू में गत वर्ष केरल बोर्ड के छात्रों से जुड़ा मुद्दा गरमाया था।

नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बार फिर केरल के छात्रों से जुड़ा मुद्दा गरमाया है। केरल बोर्ड से पढ़कर प्रतिष्ठित श्रीराम कालेज आफ कामर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों ने कालेज के नोडल अधिकारी प्रो. सी एस शर्मा पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। धार्मिक टिप्पणी के भी आरोप लगाए गए। मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन के पदाधिकारी रमीश खान ने बताया कि प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। कई छात्रों ने कहा कि उनसे बेवजह के सवाल पूछे जा रहे हैं। सवाल का जवाब नहीं देने पर कुछ छात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की जा रही है। वहीं एक छात्रा ने प्रोफेसर पर धार्मिक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया।

बकौल रमीश, प्रोफेसर शर्मा ने छात्रा से कहा कि तुम अपने पूर्वजों को धन्यवाद दो, जिन्होने इसाई या फिर मुस्लिम धर्म नहीं अपनाया। छात्रा को हिंदुत्व की एक किताब पढ़ने की भी सलाह दी। प्रो. सी एस शर्मा ने छात्रों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि धार्मिक टिप्पणी नहीं की। बकौल प्रोफेसर शर्मा, एक शिक्षक होने के नाते सामान्य से सवाल पूछे थे। किसी भी छात्र की भावना को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी। कालेज सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर छात्रों ने प्राचार्य एवं शिक्षक से मुलाकात भी की।

उल्लेखनीय है कि डीयू में गत वर्ष स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के दौरान केरल बोर्ड के छात्रों से जुड़ा मुद्दा खूब गरमाया था। दरअसल, किरोड़ीमल कालेज के प्रोफेसर राकेश कुमार पांडेय ने केरल बोर्ड पर मा‌र्क्स जेहाद फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होने बयान दिया था कि, बोर्ड जानबूझकर 12वीं के छात्रों को सौ प्रतिशत नंबर देता है। ताकि वो डीयू के कालेजों में दाखिला पा सकें। हालात यह है कि कई कालेजों के प्रमुख पाठ्यक्रमों में आधे से अधिक सीटों पर केरल के छात्रों का दाखिला हुआ है।