मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू ने पंजाब के सीएम भगवंत मान से की मुलाकात, हिजाब विवाद पर कही यह बात

 

हरनाज कौर संधू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की

सीएमओ पंजाब के अधिकारी टि्वटर हैंडल से ट्वीट कर कहा मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 21 साल बाद मिस यूनिवर्स का खिताब भारत वापस लाकर देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई दी।

चंडीगढ़, एएनआइ। मिस यूनिवर्स 2021 हरनाज कौर संधू (Harnaaz Kaur Sandhu) ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। जहां पर उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस बात की जानकारी सीएमओ पंजाब के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने बैठक का एक वीडियो साझा करते हुए दी। मिस यूनिवर्स 2021 का खिताब जितने वाली हरनाज ने बाद में, पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिजाब मुद्दे पर अपनी बात कही।

jagran

हिजाब विवाद पर मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू ने कहा

सीएमओ पंजाब ने ट्वीट कर मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू को 21 साल बाद मिस यूनिवर्स का खिताब भारत वापस लाने पर ढेरों बधाइयां भी दी। वहीं हरनाज इस मुलाकात के बाद, देश के कई मुद्दों पर अपनी बात सामने रखी। उन्होंने हिजाब विवाद पर कहा, 'अगर कोई लड़की हिजाब पहने हुए है, तो यह उसकी पसंद है। अगर कोई उस पर हावी हो रहा है तो उसे आगे आकर बोलना चाहिए। उसे वैसे ही जीने दें जैसा वह जीना चाहती है। हम विभिन्न संस्कृतियों की महिलाएं हैं और हमें एक-दूसरे का सम्मान करने की जरूरत है।'

jagran

हरनाज ने आगे कहा, 'भारत की लड़कियों को कैसे रहना चाहिए और कैसे कपड़े पहनना चाहिए। जो लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, वे गलत हैं।'

22 वर्षीया मिस यूनिवर्स हरनाज ने आज एक कार्यक्रम में शिरकत की। हरनाज ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने पंजाब के सीएम से मुलाकात के दौरान राज्य के कल्याण के बारे में बात की।

आपको बता दें कि कर्नाटक में हिजाब का विरोध इस साल जनवरी में शुरू हुआ था। यह विवाद राज्य से पूरे देश में फैल गया। जिस पर ढेरों राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन हुए। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब राज्य के उडुपी जिले के सरकारी गर्ल्स पीयू कालेज की कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया है। विरोध के दौरान, कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें हिजाब पहनने के लिए कालेज में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था।