पाकिस्‍तान में उफान पर सियासी तपिश, एक और सहयोगी दल ने छोड़ा इमरान का साथ

 

एक और सहयोगी दल ने इमरान खान की सरकार का साथ छोड़ द‍िया है।

पाकिस्‍तान में सियासी सरगर्मी पूरे उफान पर है। इमरान खान की सरकार का एक और सहयोगी दल ने साथ छोड़ दिया है। वहीं विपक्ष ने इमरान खान पर करारा हमला बोला है। विपक्ष ने कहा कि इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार का जाना निश्चित है।

इस्‍लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्‍तान में सियासी तपिश पूरे उफान पर है। विपक्ष इमरान खान की सरकार को उखाड़ फेंकने पर आमादा है। मुश्किल में फंसे इमरान खान के सहयोगी भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। सत्‍तारूढ़ पीटीआइ की सहयोगी जम्हूरी वतन पार्टी (Jamhoori Watan Party, JWP) ने भी सरकार का साथ छोड़ दिया है। जम्हूरी वतन पार्टी के प्रमुख शाहजैन बुगती (Shahzain Bugti) ने इमरान की रैली से ऐन पहले सरकार से अलग होने की घोषणा की।शाहजैन बुगती (Shahzain Bugti) ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर सरकार के खिलाफ मतदान करेगी। पाकिस्‍तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक शाहजैन बुगती बलूचिस्तान में सुलह और सद्भाव को लेकर इमरान खान के विशेष सहायक के रूप में कार्यरत थे। समाचार एजेंसी एएनआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्‍होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ बैठक के बाद पद से इस्तीफा दे दिया।

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआइ (Pakistan Tehreek-e-Insaf) 28 मार्च को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है। पीटीआई के कई सदस्‍य भी पीएम इमरान खान के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। आलम यह है कि सत्ताधारी दल के कम से कम 50 मंत्री भी 'लापता' हो गए हैं। सत्‍ता पक्ष में लगातार हो रही बगावत को देखकर विपक्ष के हौसले बुलंद हैं। विपक्ष को भरोसा है कि उसके अविश्‍वास प्रस्ताव के चलते इमरान खान की सरकार गिर जाएगी।  

बता दें कि 42 सदस्‍यों वाली पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में बहुमत का आंकड़ा 172 है। इसमें इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 179 सदस्यों का समर्थन हासिल कर के सरकार बनाई थी। इमरान खान की पीटीआई के 155 सदस्य थे जिसमें से अब कई बागी हो चुके हैं। यही नहीं चार प्रमुख सहयोगी दलों ने भी सरकार बनाने में इमरान खान का साथ दिया था।

सरकार बनाते वक्‍त मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू), बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) और ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (जीडीए) ने इमरान का साथ दिया था। इन सहयोगी दलों के क्रमशः सात, पांच, पांच और तीन सदस्य हैं। अब इमरान खान के चार सहयोगियों में से तीन दलों एमक्यूएम-पी, पीएमएल-क्यू और बीएपी ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में अपना समर्थन दिया है। इससे इमरान की सरकार पर संकट बढ़ गया है।