वायुसेना उप प्रमुख संदीप सिंह बोले, रूस पर प्रतिबंधों का भारत पर खास असर नहीं

 

वाइस चीफ एयर मार्शल संदीप सिंह की फाइल फोटो

संदीप सिंह ने कहा कि हम स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। कुछ कठिनाइयां होंगी इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमें ज्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए। हम पहले भी इस तरह के स्थितियों से गुजर चुके हैं।

नई दिल्ली, प्रेट्र। वाइस चीफ एयर मार्शल संदीप सिंह ने बुधवार को कहा कि रूस पर अमेरिका के प्रतिबंधों से भारतीय वायुसेना पर खास असर नहीं पड़ेगा और दोनों देशों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत रहेंगे। एक दो महीने उपकरण मिलने में कठिनाई हो सकती है क्योंकि हमारे 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण रूसी मूल के हैं।

सिंह ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, हम जानते हैं कि मौजूदा समय में भू-राजनीतिक स्थिति कठिन दौर में है फिर भी रूस के साथ हमारे संबंध जारी रहेंगे। उल्लेखनीय है यूक्रेन पर आक्रमण के कारण अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का भारतीय वायुसेना पर असर पड़ेगा, सिंह ने कहा, चीजें अभी भी सामने आ रही हैं। आपने देखा है हमारी स्थिति बहुत मजबूत है। दोनों देशों के साथ हमारे संबंध (मजबूत) बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि हम स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। कुछ कठिनाइयां होंगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि इससे हमें ज्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए। हम पहले भी इस तरह के स्थितियों से गुजर चुके हैं। हो सकता है यह उससे भी ज्यादा गंभीर होगा। लेकिन मुझे लगता है कि यह हमें गंभीर रूप से प्रभावित नहीं करेगा।

स्पेयर पा‌र्ट्स और कलपुर्जों के शत-प्रतिशत स्वदेशीकरण का है लक्ष्य

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना स्पेयर पा‌र्ट्स और कलपुर्जों के शत-प्रतिशत स्वदेशीकरण का लक्ष्य लेकर चल रही है। रक्षा मंत्रालय और वायुसेना ने 100 प्रतिशत अंक तक पहुंचने के लिए बहुत ही आक्रामक समयसीमा तय की है। हालांकि 100 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचने में समय लगेगा।

भारतीय वायु सेना के उप प्रमुख ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि आने वाले वषरें में, भारतीय वायुसेना के पास अपने अधिकांश सिस्टम स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित होंगे। अंतिम लक्ष्य अपने आपको आत्मनिर्भर बनाना है।

भारतीय वायु सेना के उप प्रमुख ने कहा कि यूक्रेन में फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए तीन विमान रवाना हुए हैं। हम भारतीयों को निकालने के लिए प्रतिदिन चार विमान संचालित कर सकते हैं। वायुसेना उप प्रमुख ने कहा कि सभी भारतीयों को वापस लाने तक निकासी अभियान चौबीसों घंटे चलेगा।