सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इस बार सीयूसेट से होंगे दाखिले, शिक्षा मंत्रालय ने पूरी की तैयारी, अगले हफ्ते तक घोषित होंगी तारीखें

 

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने की चाहत रखने वाले छात्रों को बड़ी सहूलियत मिलेगी...

केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों में पढ़ने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए सरकार एक बड़ी सुविधा देने जा रही है। सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिले की तैयारी पूरी कर ली है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

नई दिल्ली, ब्यूरो। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने का सपना संजोए छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र से बड़ी राहत मिलने वाली है। उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। न ही इसके लिए उन्हें अलग-अलग आवेदन करने की जरूरत होगी, बल्कि एक आवेदन से ही अब सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला संभव होगा। शिक्षा मंत्रालय ने इस बार सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूसेट) के जरिये दाखिले की तैयारी पूरी कर ली है। जिसकी घोषणा अगले हफ्ते तक हो जाएगी।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिश के बाद शिक्षा मंत्रालय ने पिछले साल ही इसके अमल की पूरी तैयारी की थी। हालांकि उस समय सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के तैयार न होने से इसे सिर्फ बारह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में ही आजमाया गया था। जिसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिले। बड़ी संख्या में छात्रों को इस व्यवस्था से पसंद के कोर्सों में दाखिले का मौका मिला।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस बार सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर के दाखिले संयुक्त प्रवेश परीक्षा से ही होंगे। विश्वविद्यालयों ने भी इसकी सहमति दे दी है। साथ ही इसे लेकर अपनी तैयारी भी पूरी कर ली है। यह परीक्षा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) व राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) जैसी परीक्षा की तर्ज पर ही होगी। जहां मेरिट के आधार पर ही छात्रों को दाखिला मिलेगा। इस परीक्षा को कराने का जिम्मा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( एनटीए) के पास रहेगा। जेईई मेंस व नीट की परीक्षाएं भी एनटीए ही कराता है।

मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इसका बड़ा फायदा छात्रों व उनके अभिभावकों मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें दाखिले के लिए एक ही आवेदन करना होगा। साथ ही एक बार ही फीस चुकानी होगी और एक परीक्षा में ही शामिल होना होगा। इससे न सिर्फ उनके समय की बचत होगी, बल्कि उन पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा।

गौरतलब है कि अभी तक सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अपनी अलग-अलग प्रक्रिया थी। जिसके लिए छात्रों को अलग-अलग आवेदन करना होता था। दाखिले की चाह में छात्रों की ओर से कई विश्वविद्यालयों में आवेदन किया जाता था। कई बार तो वह पहले जिस विश्वविद्यालय में दाखिला मिल जाता था, वहां सीट आरक्षित करा लेते है। बाद में पंसद के विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलने पर उसे छोड़ देते थे। इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में छात्र दाखिले से वंचित भी रह जाते थे।