सहारा इंडिया की स्कीमों में उपभोक्ताओं के जमा पैसे के भुगतान को लेकर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई

 

सहारा इंडिया की विभिन्न स्कीमों के मामले में पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सांकेतिक तस्वीर।

Sahara India News सहारा इंडिया के उपभोक्ताओं द्वारा जमा किए गए पैसे के भुगतान को लेकर दायर की गई चार सौ हस्तक्षेप याचिकाओं पर पटना हाईकोर्ट में आंशिक सुनवाई की। अब इस मामले पर अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।

राज्य ब्यूरो, पटना : पटना हाईकोर्ट ने सहारा इंडिया की विभिन्न स्कीमों में उपभोक्ताओं द्वारा जमा किए गए पैसे का भुगतान को लेकर दायर की गई चार सौ हस्तक्षेप याचिकाओं पर आंशिक सुनवाई की। न्यायाधीश संदीप कुमार की एकलपीठ ने प्रमोद कुमार सैनी की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सेबी के संबंधित अधिकारी कोर्ट में उपस्थित थे। पिछली सुनवाई पर सुनवाई में हाईकोर्ट ने सेबी के लीगल हेड को 28 मार्च को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। अब इस मामले पर अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।

पटना हाई कोर्ट को मिले दो नए जज 

पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन में मंगलवार को सुबह 10 बजे मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने दो नव नियुक्त न्यायाधीश राजीव राय और हरीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही हाईकोर्ट में अब न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 27 हो गई। मालूम हो कि अधिवक्ता कोटे से नियुक्त न्यायाधीश राजीव राय संवैधानिक, प्रशासनिक और आपराधिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में वकालत कर रहे थे। जबकि न्यायाधीश हरीश कुमार विश्वविद्यालय, शिक्षा और संवैधानिक मामलों के जानकार हैं। उक्त दोनों न्यायाधीश हाई कोर्ट में राज्य सरकार के वकील थे। शपथ ग्रहण समारोह में हाईकोर्ट के सभी न्यायधीशों के साथ ही नवनियुक्त जजों के परिवार के सदस्यों के अलावा महाधिवक्ता ललित किशोर, बिहार स्टेट बार काउन्सिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चन्द्र वर्मा, सरकारी वकील प्रशांत प्रताप और अरविंद उज्ज्वल भी शामिल हुए।

अवमानना मामले में विधि विभाग के सचिव व संयुक्त सचिव तलब

पटना हाईकोर्ट ने गैरकानूनी तरीके से हटाए गए मोतिहारी के लोक अभियोजक जय प्रकाश मिश्र को अदालती आदेश के बाद भी पद पर नियुक्त नहीं किए जाने के मामले पर सुनवाई की। न्यायाधीश पीबी बजनथ्री की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए विधि सचिव व संयुक्त सचिव को तलब किया है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि 21 दिसंबर के न्यायालय के आदेश के आलोक में संयुक्त सचिव को शोकाज नोटिस जारी किया गया है। 21 दिसंबर, 2021 को कोर्ट के आदेशानुसार संयुक्त सचिव उमेश कुमार शर्मा कोर्ट में उपस्थित थे। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस संबंध में राज्य सरकार के विधि विभाग के सचिव और संयुक्त सचिव के विरुद्ध क्यों न आरोप गठित किया जाना चाहिए। इस मामले पर अगली सुनवाई अब 31 मार्च को होगी।