फिलिस्तीनी युवक के घातक हमले के बाद सतर्क हुआ इजरायल

 

फलस्तीन के घातक हमले के बाद सतर्क है इजरायली सेना

प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि इजरायल फिर से एक बार आतंकी हमलों का सामना कर रहा है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने सिक्योरिटी कैबिनेट मीटिंग भी बुलाई है। फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने मंगलवार को हुए हमले की निंदा की।

यरुसलम, रायटर्स। आने वाले रमजान के महीने में हिंसक हमले की संभावना को देखते हुए बुधवार को इजरायल में सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। दरअसल मंगलवार को  तेल अवीव में एक 27 वर्षीय  फिलिस्तीनी युवक ने हमला कर दिया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और कई जख्मी हैं। जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया।  यह अवैध तरीके से इजरायल में रह रहा था। पिछले कुछ हफ्तों में इस तरह का यह सातवां हमला है। 

प्रधानमंत्री ने बुलाई मीटिंग

प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि इजरायल फिर से एक बार आतंकी हमलों का सामना कर रहा है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने सिक्योरिटी कैबिनेट मीटिंग भी बुलाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने पुलिस और खुफिया अधिकारियों के साथ आपात बैठक भी की और देश में पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा है कि हमारे सुरक्षा बल काम कर रहे हैं। बेनेट ने कहा, 'हम दृढ़ता, परिश्रम के साथ आतंक से लड़ेंगे। वे हमें यहां से नहीं हिला सकते हैं। हम और मजबूत होंगे।'

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास ने की निंदा

फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास  ने मंगलवार को हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा है कि फिलिस्तीनी और इजरायली नागरिकों की हत्या से स्थिति और खराब होगी। इसके विपरीत इस्लामी संगठन हमास ने हमले की तारीफ की।  हमास के एक अधिकारी मोशीर अल-मसरी ने कहा कि यह दक्षिणी इजरायल के नेगेव में आयोजित शिखर सम्मेलन का जवाब था। इसमें चार अरब विदेश मंत्री पहली बार एक राजनयिक बैठक के लिए इजरायल पहुंचे। इससे ही फिलिस्तीनी नाराज हो गए। 

किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेवारी

बता दें कि इस हमले की जिम्मेवारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन निवासियों का कहना है कि यह हमलावर फतह पार्टी का था। इजरायल की मिलिट्री ने कहा है कि पश्चिमी तट पर इसने सेना की तैनाती बढ़ा दी है।