बड़े-बड़ों ने चखी है यह बड़ी जलेबी, ताज महोत्सव में तलाशते हुए पहुंच रहे हैं चटोरे

 

Taj Mahotsav 2022: ताज महोत्सव में जलेगी बनाते सोनीपत के गोहाना निवासी नरेश कुमार।

Taj Mahotsav 2022 लघु भारत बना हुआ है शिल्पग्राम देशभर के शिल्प के साथ व्यंजनों का जायका उठा रहे हैं शौकीन। फायर और स्मोक पान भी बने आकर्षण का केंद्र आयुर्वेदिक चूरन और माउथ फ्रेशनर की है वैरायटी।

आगरा,  संवाददाता। ताज महोत्सव में कला, शिल्प और व्यंजनों के संगम से शिल्पग्राम लघु भारत बना हुआ है। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से रंग जमा रहे हैं तो शिल्पियों के हुनर को कद्रदानों की दाद मिल रही है। ऐसे में जायके की बात न हो तो कुछ अटपटा सा लगता है। महोत्सव में पेट पूजा के लिए वेज से लेकर नानवेज तक के स्टाल मौजूद हैं। यहां आकर्षण का केंद्र बनी है हरियाणा के गोहाना से आए नरेश कुमार की देसी घी में बनी बड़ी जलेबी। इस जलेबी का स्वाद बड़े-बड़ों ने चखा है। इसे तलाशते हुए चटोरे ताज महोत्सव पहुंच रहे हैं और इसका स्वाद ले रहे हैं।

ताज महोत्सव में सोनीपत के गोहाना निवासी नरेश कुमार ने जलेबी का स्टाल लगाया है। बीते एक दशक से भी अधिक समय से वह ताज महोत्सव में आ रहे हैं। उनकी जलेबी की खासियत यह है कि यह बाजार में मिलने वाली साधारण जलेबी की तरह न होकर साइज में काफी बड़ी है। इसके एक पीस का वजन 250 ग्राम और कीमत 80 रुपये है। इसका एक पीस ही पेट भरने के लिए काफी है। नरेश कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण काल में वह बीते दो वर्षों में ताज महोत्सव में नहीं आ सके थे। इस बार आए हैं तो उनकी जलेबी का पूर्व में स्वाद ले चुके लोग ढूंढ़ते हुए यहां पहुंच रहे हैं। उनकी जलेबी की खासियत यह है कि इसे मैदा, बेसन, सूजी से देसी घी में तैयार किया जाता है। यह उनका पुश्तैनी काम है। पिता के बाद उन्होंने इस काम को संभाला और अब उनके बेटे भी उनकी सहायता करते हैं। उन्होंने बताया कि वह देशभर में लोगों को अपनी जलेबी का स्वाद चखा चुके हैं। चंडीगढ़, सूरजकुंड, कुरुक्षेत्र, जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, लखनऊ, गोवा, पणजी में होने वाले महोत्सवों में उन्होंने जलेबी की स्टाल लगाई हैं।

यह चख चुके हैं जलेबी

नरेश कुमार बताते हैं कि उनकी जलेबी का स्वाद पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर चख चुके हैं।

jagran

फायर पान और स्मोक पान खा रहे दीवाने

ताज महोत्सव में सहारनपुर से आए सोनू खान ने पान का स्टाल लगाया है। लाेग ठंडक के लिए या मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए पान खाते हैं, लेकिन उनके स्टाल पर फायर पान, स्मोक पान, चाकलेट पान और सादा पान उपलब्ध हैं। जिनका स्वाद लेने को शौकीन उमड़ रहे हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं भी फायर और स्मोक पान का लुत्फ उठा रही हैं। साेनू ने बताया कि वह कई वर्षों से ताज महोत्सव में आ रहे हैं। यहां लोगों का अच्छा रिस्पोंस मिलता है। उनकी स्टाल पर 20 रुपये से लेकर 70 रुपये तक का पान उपलब्ध है। उन्हाेंने बताया कि वह और उनके दो भाई पान की स्टाल पर काम देखते हैं। जब महोत्सव नहीं होते तो वह प्राइवेट पार्टियों में स्टाल लगाते हैं। इससे उन्हें देशभर में घूमने का मौका भी मिल रहा है।

ड्राइ आइस और ब्रास का करते हैं इस्तेमाल

स्मोक पान में ड्राइ आइस यानि नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है। पान पर नाइट्रोजन गैस डालते ही वह स्मोक में तब्दील हो जाती है। फायर पान में ब्रास यानि सेमी पिपरमेंट रखकर उसे जलाते हैं। पान के मुंह में जाते ही एक से दो सेकेंड में आग बुझ जाती है।

56 प्रकार के माउथ फ्रेशनर

मुंह की दुर्गंध दूर करने को लोग माउथ फ्रेशनर और हाजमा दुरुस्त रखने को चूरन का सेवन करते हैं। ताज महोत्सव में बिहार के माेतिहारी से आए आेमप्रकाश ने आयुर्वेदिक चूर्ण और माउथ फ्रेशनर का स्टाल लगाया है। ओमप्रकाश ने बताया कि वह 20 वर्ष से महाेत्सव में आ रहे हैं। उनकी स्टाल पर 56 प्रकार के माउथ फ्रेशनर उपलब्ध हैं। जिनमें सर्वाधिक बिक्री अनारदाना, हींग पेड़ा, इमली बूटा, ड्राइ पान, मीठा पान, तीखा मैंगो की होती है। हालांकि, ओमप्रकाश महोत्सव में लोगों के कम आने की वजह से कम हो रही बिक्री से चिंतित नजर आए।

नानवेज के शौकीनों के लिए भी बहुत कुछ

ताज महोत्सव में नानवेज के शौकीनों के लिए भी बहुत कुछ है। नानवेज के दो स्टाल यहां लगे हैं, जिन पर कबाब, चिकन से लेकर अन्य डिशें उपलब्ध हैं।

अमेरिकन भुट्टा, नारियल पानी भी

महोत्सव में मूंगलेट के साथ अमेरिकन भुट्टा, नारियल पानी और भेलपूड़ी के स्टाल भी लगे हैं। गर्मी के मौसम में ठंडक पहुंचाने को आइसक्रीम भी यहां उपलब्ध है।