प्रचार पथ पर सबसे तेज दौड़ा भाजपा का डबल इंजन, अखिलेश-प्रियंका और मायावती ने भी झोंकी ताकत

 

सरकार चलाने में डबल इंजन के लाभ गिना रही भाजपा ने चुनाव प्रचार अभियान में भी इसकी ताकत दिखाई।

UP Assembly Election 2022 यूपी विधानसभा चुनाव का प्रचार अब थम गया है। सातवें और अंतिम चरण का चुनाव सोमवार को होगा। इस बार चुनाव प्रचार में भाजपा का डबल इंजन सबसे तेज दौड़ा। हालांकि अखिलेश यादव मायावती और प्रियंका गांधी ने अकेले ही पूरी ताकत झोंक दी।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। सरकार चलाने में डबल इंजन के लाभ गिना रही भाजपा ने चुनाव प्रचार अभियान में भी इसकी ताकत दिखाई। 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए भाजपा का डबल इंजन इस पथ पर सबसे तेज दौड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 सभाओं से माहौल बनाया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे बड़े स्टार प्रचारक के रूप में उभरे और दो सौ से अधिक कार्यक्रम किए। राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन के सभी बड़े नेता प्रदेश को मथने में जुटे रहे। वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अकेले ही भरपूर ताकत झोंकी, जबकि बसपा प्रमुख मायावती ने सिर्फ बीस जनसभाएं ही कीं।

चुनाव अभियान में पूरी ताकत झोंकने वाली भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी अभियान-कार्यक्रमों की शुरुआत तो कई माह पहले ही शुरू कर दी थी, लेकिन प्रत्याशी तय होने के बाद चुनाव प्रचार अभियान पूरी रणनीति के साथ चलाया। जातीय-क्षेत्रीय प्रभाव और आकर्षण को देखते हुए स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम तय किए गए। पीएम मोदी की लोकप्रियता निसंदेह सबसे अधिक है, उनकी मांग भी उसी के अनुसार थी, लेकिन व्यस्तता के चलते उनकी ऐसी संयुक्त जनसभाएं कराई गईं, जिसमें एक बार में कई विधानसभा क्षेत्र शामिल हो जाएं।

इस तरह उन्होंने कुल 28 बड़े प्रचार कार्यक्रम किए, जिसमें जनसभा और रोड शो शामिल थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 40, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 43 तो गृह मंत्री अमित शाह ने 54 सभाएं कीं। इस प्रचार अभियान में योगी सबसे बड़े स्टार प्रचारक बनकर उभरे, जिन्होंने 204 चुनाव प्रचार कार्यक्रम किए। उनका साथ देते हुए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने हर जिले में पहुंचने का प्रयास किया और 70 से अधिक सभाओं को संबोधित किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी खूब पसीना बहाते हुए 85 जनसभाएं कीं, जबकि डा. दिनेश शर्मा के 26 कार्यक्रम लगे।

वहीं, विपक्ष की बात करें तो चुनाव प्रचार में सबसे अधिक मेहनत सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने की। इस अभियान की कमान उन्होंने अकेले ही संभाली और लगभग 200 जनसभा व रोड शो से माहौल बनाने का प्रयास किया। अपने चिर-परिचित अंदाज में बसपा प्रमुख मायावती ने मात्र 20 रैलियां कीं। हालांकि, बसपा के लिए सबसे अधिक ताकत राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र ने लगाई। उन्होंने 151 जनसभाएं इस दौरान कीं। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार अभियान जिम्मा मुख्य रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद संभाली। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, उन्होंने 42 रोड शो, 167 रैली व नुक्कड़ सभा, जबकि 340 वर्चुअल रैलियां कीं। आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन जनसभाओं को संबोधित किया, जबकि प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने लगभग 200 प्रचार कार्यक्रम किए।

वहीं, विपक्ष की बात करें तो चुनाव प्रचार में सबसे अधिक मेहनत सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने की। इस अभियान की कमान उन्होंने अकेले ही संभाली और लगभग 200 जनसभा व रोड शो से माहौल बनाने का प्रयास किया। अपने चिर-परिचित अंदाज में बसपा प्रमुख मायावती ने मात्र 20 रैलियां कीं। हालांकि, बसपा के लिए सबसे अधिक ताकत राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र ने लगाई। उन्होंने 151 जनसभाएं इस दौरान कीं। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार अभियान जिम्मा मुख्य रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद संभाली। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, उन्होंने 42 रोड शो, 167 रैली व नुक्कड़ सभा, जबकि 340 वर्चुअल रैलियां कीं। आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन जनसभाओं को संबोधित किया, जबकि प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने लगभग 200 प्रचार कार्यक्रम किए।