यात्रियों को फर्जी वीजा पर विदेश भेजने वाले दो गिरफ्तार, यूरोप घूमने के शौकीन बनते थे निशाना, जानें अन्य डिटेल

 

पासपोर्ट पर चिपका दिया जाता था फर्जी वीजा, संदेह होने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

पुलिस टीम ने आरोपितों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपितों ने संदीप नामक एजेंट से वीजा खरीदा था। प्रति यात्री करीब 12 लाख रुपये इनसे वसूले गए थे। 17 मार्च को पुलिस टीम ने संदीप को महिपालपुर इलाके से गिरफ्तार किया।

नई दिल्ली  surender Aggarwal। यात्रियों को फर्जी वीजा पर विदेश भेजने वाले गिरोह के दो सदस्यों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आइजीआइ) थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों में संदीप व गुरविंदर शामिल हैं। इनके निशाने पर पंजाब के लुधियाना व रोपड़ जिला अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ऐसे लोग होते थे, जो विदेश घूमने खासकर यूरोप घूमने का शौक रखते थे। उन्हें झांसे में लेकर पहले मोटी रकम वसूलते, बाद में ठगी का शिकार बनाते।

इस मामले की तहकीकात 16 मार्च से तब शुरू हुई जब फ्रांस जाने की कोशिश में एयरपोर्ट पर तीन यात्रियों सुच्चा, सुजीत व अमनदीप को पकड़ा गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के सुरक्षाकर्मियों ने संदेह के आधार पर यात्रा से जुड़े इनके दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि इनके पासपोर्ट पर जो वीजा लगा है वह फर्जी है। सीआइएसएफ की शिकायत पर आइजीआइ थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

एयरपोर्ट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के नेतृत्व तथा एसीपी विजेंदर सिंह की देखरेख में गठित पुलिस टीम ने आरोपितों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपितों ने संदीप नामक एजेंट से वीजा खरीदा था। प्रति यात्री करीब 12 लाख रुपये इनसे वसूले गए थे। 17 मार्च को पुलिस टीम ने संदीप को महिपालपुर इलाके से गिरफ्तार किया। जब संदीप से पूछताछ हुई तो पता चला कि फ्रांस के लिए वीजा का इंतजाम उसने गौरव व गुरविंदर नामक शख्स की मदद से किया था। इसके बाद पुलिस ने गुरविंदर की तलाश शुरू की। पुलिस ने गुरविंदर को उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस इस मामले में गौरव की तलाश में जुटी ह

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