पेट्रोल-डीजल के बाद अब दिल्ली के दो करोड़ लोगों को लग सकता है महंगाई का और तगड़ा झटका

 

Delhi Electricity Charges May Increase: जनसुनवाई के बाद लिया जाता है इस संबंध में फैसला।

पेट्रोल की बढ़ती कीमत के बीच दिल्लीवासियों को एक बार फिर झटका लग सकता है। बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) आमदनी व खर्च का लेखाजोखा दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पास जमा कर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग की हैं।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजधानी में बिजली की नई दरें निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) आमदनी व खर्च का लेखाजोखा दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पास जमा कर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग की हैं। डिस्काम की मांग पर डीईआरसी द्वारा उपभोक्ताओं से आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। उपभोक्ता 25 अप्रैल तक सुझाव दे सकते हैं।

डीईआरसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है डिस्काम का विवरण

दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनियां बीएसईएस (बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिक सप्लाई), राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के साथ ही दिल्ली में बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों ने वर्ष 2021-22 का खर्च और वर्ष 2022-23 के अनुमानित खर्च का विवरण डीईआरसी को सौंप चुकी हैं। डीईआरसी ने इसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। लोगों से बिजली की दरें निर्धारित करने के लिए अपनी आपत्ति व सुझाव देने को कहा गया है।

इस तरह दे सकते हैं सुझाव

लोग डीईआरसी के कार्यालय में जाकर या डाक के माध्यम से या फिर ईमेल कर अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद जनसुनवाई आयोजित होगी।

जनसुनवाई की तारीख अभी तय नहीं

बिजली की दरें डीईआरसी निर्धारित करता है। प्रत्येक वर्ष मार्च में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाती है। पहले उपभोक्ताओं की आपत्ति व सुझाव लिए जाते हैं। उसके बाद जनसुनवाई होती है। जनसुनवाई में रेजिडेंट वेलफेयर के प्रतिनिधि, व्यापारिक व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ही आम उपभोक्ता शामिल होकर अपनी राय रखते हैं। लोगों से मिले सुझाव का अध्ययन के बाद नई दरों की घोषणा की जाती है। जनसुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है। डीईआरसी का कहना है कि जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी