इंस्टाग्राम अकाउंट को वेरिफाई करने के एवज में करते थे ठगी, दो गिरफ्तार

 

इंस्टाग्राम अकाउंट को वेरिफाई करने के एवज में करते थे ठगी, दो गिरफ्तार

इंस्टाग्राम अकाउंट को वेरिफाई करने के एवज में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपितों को द्वारका जिले की साइबर सेल पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान शिवम देव व शुभम कुमार के रूप में हुई है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। इंस्टाग्राम अकाउंट को वेरिफाई करने के एवज में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपितों को द्वारका जिले की साइबर सेल पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान शिवम देव व शुभम कुमार के रूप में हुई है। आरोपितों के पास से 14,400 रुपये, दो मोबाइल फोन व चेक बुक बरामद हुई है। आरोपितों ने बताया कि पहले वे इंस्टाग्राम पर ऐसे अकाउंट का पता लगाते जो वेरिफाई नहीं है, फिर उन्हें मैसेज के माध्यम से अकाउंट वेरिफाई कराने की बात कहते। अगर यूजर की इसमें रुचि है, तो फिर उससे यूपीआइ के माध्यम से रुपयों की मांग करते और ठगी का शिकार बनाते थे। दोनों आरोपित एक ही स्कूल के छात्र है और दोनों में गहरी दोस्ती है। कम समय में ज्यादा रुपये कमाने की चाहत के चलते आरोपितों ने गूगल पर ठगी की तकनीक काे पहले सीखा और फिर लोगों को ठगी का शिकार बनाने लगे।

द्वारका जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपित शुभम मूल से बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला है और पत्राचार से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। आरोपित के पिता अध्यापक हैं। वहीं शिवम उत्तर प्रदेश के बड़ौत जिले का निवासी है। शिवम पांच भाई-बहन है और पिता टैंट हाउस में काम करते हैं। नौंवी कक्षा में फेल होने के बाद से आरोपित घर पर ही था। 21 मार्च को आरती नामक महिला ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत के दौरान बताया कि उनके 15 वर्षीय बेटे को इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट को वेरिफाई करने व ब्लू टिक प्राप्त करने के लिए एक मोबाइल नंबर से मैसेज प्राप्त हुआ। जब उनके बेटे ने उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो फोन पर मौजूद शख्स ने अकाउंट वेरिफाई करने के एवज में यूपीआइ के माध्यम से छह हजार रुपये देने की बात कहीं।

इसके कुछ समय बाद शख्स ने उनके बेटे को बताया कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट ब्लाक हो गया है और उसे अनब्लाक करवाने के लिए उन्हें 5700 रुपये देने होंगे। पीड़िता के बेटे ने शख्स को वो रुपये भी उपलब्ध करा दिए। एक बार फिर शख्स ने पीड़िता के बेटे से 2700 रुपये उपलब्ध कराने की बात कहीं।

पीड़िता के बेटे ने कुल 14,400 रुपये शख्स को उपलब्ध करा दिए। इसके बाद भी अकाउंट वेरिफाई नहीं होने पर किशोर ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और शख्स को रुपये वापस करने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया और माेबाइल नंबर को ब्लाक कर दिया। महिला की शिकायत पर इंस्पेक्टर जगदीश कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपित शख्स के खाते को खंगाला, जिनमें रुपये ट्रांसफर किए गए थे। तमाम तकनीकी विश्लेषण करने के बाद टीम ने प्रीतमपुरा स्थित इनकम टैक्स कालोनी में छापेमारी कर शिवम देव को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। शिवम देव की निशानदेही पर टीम ने रोहिणी में छापेमारी की और वहां से मास्टरमाइंड शुभम कुमार को दबोचा।