आंगनबाड़ी सेविकाओं ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया वादा... मांगें पूरी नहीं करने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

 

सेविका सहायिका वर्ष 2016 से 9 सूत्री मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है

आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फरवरी माह में घोषणा की थी कि आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका के लिए एक नियमावली बनाई जाएगी और उनके मानदेय में तेरह हजार की वृद्धि की जाएगी। किंतु उन्होंने अपने घोषणा पर अमल नहीं किया।

चतरा,सं। नियमावली व मानदेय वृद्धि सहित अन्य मांग को लेकर आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चली गई है। हड़ताल अवधि में आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं ने प्रखंड कार्यालय में रोषपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार के विरोध में नारे लगाए। मौके पर मौजूद झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी के सेविका सहायिका निष्ठा पूर्वक अपना कार्य कर रहे हैं। बावजूद उन्हें न तो नियमित किया जा रहा है और ना ही मानदेय में वृद्धि की जा रही है।

मुख्यमंत्री को दिया दिलाया वादा

आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फरवरी माह में घोषणा की थी कि आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका के लिए एक नियमावली बनाई जाएगी और उनके मानदेय में तेरह हजार की वृद्धि की जाएगी। किंतु उन्होंने अपने घोषणा पर अमल नहीं किया। सेविका सहायिका वर्ष 2016 से 9 सूत्री मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि हड़ताल के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी।

अनिश्चितकालीन की चेतावनी

गौरतलब है, कि आंगनबाड़ी सेविकाओं की ये मांग कोई नई नहीं है, सालों से ये लोग नियमित करने और वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, कई सरकारें बनी लेकिन किसी ने भी आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांग पर संज्ञान नहीं लिया, हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वादा जरूर किया था, लेकिन अभी तक वो अपना वादा नहीं निभा पाए हैं, ऐसे में अब आंगनबाड़ी सेविकाओं के सब्र का बांध टूट गया है, इसीलिए उन्होंने चेतावनी भी दे दी है, कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी। मौके पर प्रखंड अध्यक्ष रश्मि कुमारी, सचिव उषा देवी, कोषाध्यक्ष सुनीता कुमारी, मिडिया प्रभारी किरण देवी, रूमिला कक्षप, रूबी देवी, यशोदा देवी, मालती देवी, सरिता देवी, विनीता देवी, किरण कुमारी, मंजू कुमारी, रुकमणी कुमारी, किरण देवी, नूरजहां, रुखसार परवीन सहित अन्य मौजूद थे।